पाकिस्तान की जेल में बंद भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव को क्या इतना प्रताड़ित किया गया है कि उन्होंने अपनी मां और पत्नी से बातचीत भी PAK के दबाव में की. भारतीय विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि ऐसा प्रतीत हो रहा था, कुलभूषण जाधव ने काफी तनावपूर्ण माहौल में अपने परिवार से बातचीत की. उनकी ज्यादातर टिप्पणियां साफ तौर पर पहले से सिखाई हुई लग रही थीं, जिससे पाकिस्तान में जाधव की गतिविधियों को लेकर लगाए गए गलत आरोपों पर सवाल ना उठाया जा सके.
It appears that Kulbhushan Jadhav was under considerable stress & speaking in an atmosphere of coercion. Most of his remarks were clearly tutored & designed to perpetuate false narrative of his alleged activities in Pakistan.His appearance also raises questions of his health: MEA
— ANI (@ANI)
बता दें कि 25 दिसंबर, 2017 को पाकिस्तान ने आखिरकार जाधव की मुलाकात उनकी मां अवंती जाधव और पत्नी से कराई. भारत वापस आकर परिवार का कहना है कि जाधव काफी दबाव में नजर आ रहे थे. एक वक्त तो जाधव ने अपनी मां से कह दिया कि वे मीडिया को सच्चाई बता दें, इस पर अवंती ने जाधव से बिजनेसमैन होने का सच खुद बताने को कहा.
मां ने कहा- 'अपनी सच्चाई बताओ'
सूत्रों से पता चला है कि अवंती जाधव ने मुलाकात के दौरान जाधव के शरीर पर दिख रहे घाव के बारे में पूछा. अवंती ने कहा कि उनका बेटा वैसा नहीं लगा, जैसा वे उसे जानती हैं. काफी दबाव में लग रहे थे और ऐसा लग रहा था कि उन्हें प्रताड़ित किया गया है, तभी उनकी मां को सच बोलने की नसीहत देनी पड़ी. शीशे की दीवार के पीछे बैठे जाधव को देखकर उनके स्वास्थ्य पर भी सवाल उठ रहे हैं. इस मुलाकात के दौरान जाधव की पत्नी चुप ही रहीं.
PAK में जाधव के परिवार से बदसलूकी
इस्लामाबाद में पाक विदेश मंत्रालय के दफ्तर में जाधव की अपने परिवार बातचीत हुई. हालांकि पाकिस्तान में जाधव के परिवार से बदसलूकी की जानकारी मिली है. वहां ना सिर्फ परिवार के पहुंचाया गया बल्कि पाक मीडिया ने जाधव की मां को 'कातिल की मां' कह डाला. भारतीय विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान के रवैये की कड़ी आलोचना की है और जाधव की मां-पत्नी के साहस को सराहा है.
MEA spokesperson Raveesh Kumar on meeting of 's mother and wife with Jadhav in Islamabad
— ANI (@ANI)
जाधव पर जासूसी का आरोप
बता दें कि कुलभूषण जाधव को पाकिस्तान रॉ (रिसर्च एंड एनालिसिस विंग) एजेंट मानता है और उसने जासूसी के आरोप में जाधव को गिरफ्तार किया था. पाकिस्तान ने जाधव को फांसी की सजा सुनाई थी, जिसपर अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय ने रोक लगाई. आईसीजे का कहना था कि किसी भी देश को उसके नागरिक से मिलने से नहीं रोका जा सकता.