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जेएनयू विवाद: अफजल गुरु के समर्थन में 18 जगहों पर कार्यक्रम करने वाला था उमर खालिद

दिल्ली पुलिस की एफआईआर में यह सामने आया है कि कैंपस में देश विरोधी नारे लगाने वालों में छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार शामिल नहीं थे. उन्होंने सिर्फ वहां मौजूद लोगों की अगुवाई की थी लेकिन नारे नहीं लगाए.

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उमर खालिद
उमर खालिद

जेएनयू में देश विरोधी गतिविधियों और नारेबाजी का मामला लगातार गहराता जा रहा है. मामले की तहकीकात में कर रही दिल्ली पुलिस ने यूपी, महाराष्ट्र और जम्मू-कश्मीर में छापेमारी की है, इस बात का भी खुलासा हुआ है कि उमर खालिद देश के 18 विश्वविद्यालयों में ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन का प्लान बना रहा था.

पुलिस अफजल गुरु के समर्थन में कार्यक्रम आयोजित करने और देश विरोधी नारे लगाने के आरोप में डेमोक्रेटिक स्टूडेंट यूनियन (DSU) के चार छात्रों से पूछताछ करना चाहती है, हालांकि अब तक वे पुलिस की पहुंच से बाहर हैं. ये छात्र उमर खालिद, अनिर्बन भट्टाचार्य, रियाजुल कह और रुबीना सैफी हैं.


अलग-अलग यूनिवर्सिटी में भेजे थे अपने साथी
आतंकी अफजल गुरु के समर्थन में 9 फरवरी को देश के 18 विश्वविद्यालयों में कार्यक्रम की तैयारी की गई थी. उमर खालिद ने 9 फरवरी से पहले अपने साथियों को देश के अलग-अलग हिस्सों पर भेजा था, जिससे ये तय किया जा सके कि कौन-कौन से विश्वविद्यालय में ऐसा कार्यक्रम किया जा सकता है.

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एफआईआर में कुछ और ही बात
वहीं, दिल्ली पुलिस की एफआईआर में यह सामने आया है कि कैंपस में छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार शामिल नहीं थे. उन्होंने सिर्फ वहां मौजूद लोगों की अगुवाई की थी लेकिन नारे नहीं लगाए. अफजल गुरु के समर्थन में कार्यक्रम उमर खालिद और डीएसयू के कुछ अन्य लोगों ने किया था. कन्हैया इन सभी का नेतृत्व कर रहे थे. कन्हैया को देश विरोधी नारे लगने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है फिलहाल वह पुलिस हिरासत में हैं.

उमर खालिद ने लगाए थे देश विरोधी नारे
कन्हैया ने भी पुलिस को पूछताछ में बताया है कि वह सिर्फ घटनास्थल पर मौजूद थे लेकिन देश विरोधी नारे नहीं लगाए. देश के खिलाफ नारेबाजी उमर खालिद ने की थी और वहीं कार्यक्रम का आयोजक भी था.


खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट के मुताबिक, जेएनयू में हुए छात्रों में से चार के संबंध नक्सलियों से होने का संदेह है. ये छात्र उमर खालिद, अनिर्बन भट्टाचार्या, रियाजुल कह और रुबीना सैफी ही हैं, जिन्हें दिल्ली पुलिस पूछताछ के लिए तलाश रही है.

आज खत्म हो रही है कन्हैया की कस्टडी
JNUSU के अध्यक्ष कन्हैया कुमार की पुलिस कस्टडी बुधवार को समाप्त हो रही है. दिल्ली पुलिस उन्हें करेगी और आगे की कार्रवाई के लिए भी रिमांड की मांग कर सकती है.

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