तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे. जयललिता ने शनिवार को कहा कि हम केंद्र सरकार से मांग करेंगे कि वह प्रदेश में रहने वाले श्रीलंकाई तमिलों को दोहरी नागरिकता दे. साथ ही उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी श्रीलंका में तमिलों के लिए पृथक गृह प्रदेश हासिल करने के लिए 'लगातार कदम' उठाएगी.
तिरुचिरापल्ली में विशाल चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा कि वह श्रीलंका में तमिलों के साथ हुए युद्ध अपराधों और कथित नरसंहार की स्वतंत्र और अंतरराष्ट्रीय जांच कराने की लगातार मांग करती रही हैं.
उन्होंने कहा, 'ऐसे में श्रीलंकाई तमिलों को पूर्ण स्वतंत्रता और आत्म सम्मान से रहने में सक्षम बनाने तथा अलग इल्म पाने की दिशा में लगातार कदम उठाते रहेंगे.' श्रीलंकाई तमिलों के मुद्दे पर धुर विरोधी द्रमुक के खिलाफ तीखी टिप्पणी करते हुए कि द्रमुक और कांग्रेस दोनों संयुक्त रूप से श्रीलंकाई तमिलों की बर्बादी के लिए जिम्मेदार हैं.
उन्होंने कहा, 'प्रदेश में रह रहे श्रीलंकाई तमिलों को दोहरी नागरिकता देने का हम केंद्र सरकार से अनुरोध करेंगे, ताकि उन्हें आसानी से रोजगार के अवसर प्राप्त हो सकें.' जयललिता ने कहा कि यहां ऐसे भी लोग हैं जो शरणार्थियों से पैदा हुए हैं और राज्य में पले बढ़े हैं. जब ने उन्हें वापस भेजने की कोशिश की तो हमारी सरकार ने उसका विरोध किया.'
I have demanded dual citizenship for the refugees (Sri Lankan Tamils), so that they can get job easily: Jayalalithaa
— ANI (@ANI_news)