भारत में विदेशी पर्यटकों पर कुख्यात आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (ISIS) के लोन वुल्फ का खतरा था. संदिग्ध आईएसआतंकी की पूछताछ में यह खुलासा हुआ है. आईएस के ऑनलाइन रेडिक्लाइज्ड आतंकियों की निगाह विदेशी पर्यटकों पर थी. वह अमेरिका, इंग्लैड, कनाडा और इजरायल के पर्यटकों को निशाना बनाना चाहता था.
वर्धमान में दो साथियों के साथ गिरफ्तार हुआ था मूसा
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की पूछताछ में आईएस के संदिग्ध आतंकी मोहम्मद मसीउद्दीन उर्फ मूसा ने खुलासा किया कि कोलकाता में मदर टेरेसा और डल झील पर उसने रेकी की थी.
उसे चाकू से हमला करने के लिए कहा गया था. पश्चिम बंगाल के वर्धमान से हाल ही में मूसा को तीन अन्य आतंकियों के साथ गिरफ्तार किया गया था.
इनके कारनामों से उड़ जाते जांच एजेंसियों के होश
जांच एजेंसियों के हत्थे चढ़े हुए ये लोग देश को इस तरह से दहला सकते थे कि किसी बेरहम हत्यारे के भी होश उड़ जाएं. इसे लोन वुल्फ अटैक कहते हैं. यह आतंक की में आईएसआईएस की
सबसे खूनी पहचान है. वर्धमान से गिरफ्तार मूसा जो करने जा रहा था उसकी कल्पना भी जाच एजेंसियों ने नहीं की थी.
आईएस के लोन वुल्फ अटैक का औजार बना
मूसा अपने इन दो साथियों के साथ हिंदुस्तान की जमीन पर ऐसा खूनी खेल खेलने वाला था कि किसी की भी रूह कांप जाए. सूत्रों के मुताबिक मूसा आईएसआईएस का लोन वुल्फ अटैक का
एक बड़ा औजार बन चुका था. इसी के लिए धर्मतल्ला (पश्चिम बंगाल) से खरीदा गया 13 इंच का छुरा देश के कुछ बेगुनाह लोगों पर मौत बन कर टूटने वाला था.
छुरे से बेगुनाहों का गला रेतना चाहता था
मूसा और उसके साथी शेख कालू और शेख अमीन ने एक खूनी प्लान बनाया था. शेख कालू और शेख अमीन के साथ मूसा एक स्कूटर पर सवार होकर बाजार में घुसना चाहता था. एक शख्स
स्कूटर चलाता रहता और मूसा और उसका एक साथी दोनों छुरों से बाजार में मिलने वाले हर शख्स का गला रेतने में जुट जाते.
आईएस के हैंडलर्स के संपर्क में था मूसा
आईएस के खूनी पंजे हिंदुस्तान की ओर लगातार बढ़ रहे हैं. मूसा और उसके साथियों से पूछताछ में पता चल रहा है कि ये लोग आईएस के हैंडलर्स के संपर्क में थे. पश्चिम बंगाल के वर्धमान
शहर का रहने वाला पच्चीस साल का मूसा पिछले दो साल से तमिलनाडु के शहर तिर्रूपर शहर में रहता था.
जेहादी वेबसाइट्स के जरिए आईएस से जुड़ा था मूसा
जांच एजेंसियों के मुताबिक मूसा वहीं से ऑनलाइन वेबसाइट्स के जरिए आईएस के साथ जुड़ गया. मेल के जरिए वो लगातार जेहादी वेबसाइट्स देखने लगा. जेहादी वेबसाइट के जरिए सफी
आरमार से वह निर्देश ले रहा था. उसे भारत के श्रीनगर और कोलकाता में अमेरिका, इंग्लैंड, इजरायल और कनाडा के विदेशी पर्यटकों को निशाना बनाना था. पूछताछ के बाद अब मूसा को
न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.