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पी चिदंबरम जाएंगे तिहाड़ या मिल पाएगी बेल, आज होगा फैसला

सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को पूर्व वित्त मंत्री चिदंबरम के मामले में फिर से सुनवाई हुई जिसमें सीबीआई की ओर से अपील की गई कि पूर्व वित्त मंत्री को न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेज दिया जाए. हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि चिदंबरम 5 सितंबर तक सीबीआई की हिरासत में ही रहेंगे.

पी चिदंबरम की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आज (फोटो-यशवंत नेगी) पी चिदंबरम की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आज (फोटो-यशवंत नेगी)

  • सुप्रीम कोर्ट चिदंबरम को तिहाड़ जेल भेजे जाने के मामले में करेगा कोई फैसला
  • 21 अगस्त को गिरफ्तार होने के बाद 15 दिन तक सीबीआई हिरासत में चिदंबरम

पूर्व वित्त मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम के लिए गुरुवार का दिन बेहद अहम होने वाला है क्योंकि आईएनएक्स मीडिया केस में सुप्रीम कोर्ट आज इस पर फैसला करेगा कि चिदंबरम को जमानत दी जाए या जेल भेजा जाए. चिदंबरम 21 अगस्त को गिरफ्तारी के बाद से सीबीआई की हिरासत में 15 दिन बिता चुके हैं.

सीबीआई ने 21 अगस्त को गिरफ्तारी के बाद कोर्ट से पी. चिदंबरम की सिर्फ 5 दिन की रिमांड मांगी थी, हालांकि इसके बाद भी सीबीआई ने रिमांड बढ़ाने की मांग की जो बढ़कर 15 दिन (5 सितंबर) तक हो गई. पूर्व वित्त मंत्री की ओर से आरोप लगाया गया था कि सीबीआई हिरासत में उनसे बार-बार एक ही सवाल पूछ रही है.

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को पूर्व वित्त मंत्री चिदंबरम के मामले में फिर से सुनवाई हुई जिसमें सीबीआई की ओर से अपील की गई कि पूर्व वित्त मंत्री को न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेज दिया जाए. हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि चिदंबरम 5 सितंबर तक सीबीआई की हिरासत में ही रहेंगे और उसी दिन इसी मामले की सुनवाई की जाएगी. इससे पहले सोमवार को सुप्रीम कोर्ट की ओर से उन्हें राहत मिली और वह तिहाड़ जाने से बच गए थे.

सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि पी चिदंबरम ने सोमवार को ही अंतरिम जमानत के लिए आवेदन कर रखा है जिस पर राउज एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई होनी है. वहीं सीबीआई ने कहा कि अब उसे चिदंबरम की हिरासत नहीं चाहिए, ऐसे में उनको न्यायिक हिरासत में भेज दिया जाए.

20 से ज्यादा बार गिरफ्तारी से बचे

हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई की इस तर्क को तुरंत सुनने से इनकार कर दिया और 5 सितंबर तक के लिए इस मामले को टाल दिया.

जस्टिस आर भानुमति और एएस बोपन्ना की बेंच ने पिछली सुनवाई में कहा कि बेंच गुरुवार को चिदंबरम की अर्जी पर सुनवाई करेगी. चिदंबरम ने गैर-जमानती वॉरंट और सीबीआई कस्टडी में रहने के निचली अदालत के आदेश को चुनौती दी है.

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद चिदंबरम की रिमांड अवधि पूरी होने पर सीबीआई की विशेष अदालत में पेश किया गया जहां पर कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश को रिकॉर्ड पर रखते हुए उनकी सीबीआई हिरासत की अवधि 2 दिन के लिए बढ़ा दी और उन्हें 5 सितंबर को पेश करने को कहा.

आईएनएक्स मीडिया केस में पूर्व वित्त और गृह मंत्री चिदंबरम पर फॉरेन इन्वेस्टमेंट प्रोमोशन बोर्ड (एफआईपीबी) से गैरकानूनी तौर पर मंजूरी दिलाने के लिए रिश्वत लेने का आरोप है. इस मामले में चिदंबरम को 20 से ज्यादा बार गिरफ्तारी से राहत मिली, लेकिन इस बार उन्हें कोर्ट से कोई राहत नहीं मिली.

देश की सबसे बड़ी अदालत का फैसला आने के बाद राउज एवेन्यू कोर्ट भी दोपहर 3 बजे सुनवाई करेगा. इससे पहले राउज एवेन्यू कोर्ट ने पी चिदंबरम को मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए 5 सितंबर तक सीबीआई कस्टडी में भेज दिया था.

क्या है मामला

मामला 2007 का है, जब पी चिदंबरम यूपीए-2 के शासनकाल में वित्त मंत्री थे. पूर्व वित्त मंत्री के अलावा सीबीआई इस मामले में उनके बेटे कार्ति चिदंबरम को भी गिरफ्तार कर चुकी है लेकिन अभी वो जमानत पर हैं. कार्ति को आईएनएक्स मीडिया को 2007 में एफआईपीबी से मंजूरी दिलाने के लिए कथित रूप से रिश्वत लेने के आरोप में 28 फरवरी 2018 को गिरफ्तार किया गया था.

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सीबीआई की एक प्राथमिकी के आधार पर एक पीएमएलए का मामला दर्ज किया. ईडी ने 2007 में विदेश से 305 करोड़ की राशि प्राप्त करने के लिए आईएनएक्स मीडिया को एफआईपीबी मंजूरी देने में कथित तौर पर अनियमितता का आरोप लगाया है. ईडी की जांच से पता चला कि एफआईपीबी की मंजूरी के लिए आईएनएक्स मीडिया के पीटर और इंद्राणी मुखर्जी ने पी चिदंबरम से मुलाकात की थी, ताकि उनके आवेदन में किसी तरह की देरी ना हो.

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