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आमिर बोले- नहीं चाहिए देशभक्ति‍ का सर्टिफिकेट, आलोचना करने वालों ने मुझे सही साबित किया

बॉलीवुड एक्टर आमिर खान ने असहिष्णुता पर अपने बयान के बाद मचे बवाल पर बुधवार को चुप्पी तोड़ी है. अभिनेता ने इस ओर बयान जारी कर साफ शब्दों में कहा है कि वह अपने पिछले बयान पर कायम हैं और उन्हें भारत में पैदा होने का गर्व है.

आमिर खान (फाइल फोटो) आमिर खान (फाइल फोटो)

बॉलीवुड एक्टर आमिर खान ने असहिष्णुता पर अपने बयान के बाद मचे बवाल पर बुधवार को चुप्पी तोड़ी है. अभिनेता ने इस ओर बयान जारी कर साफ शब्दों में कहा है कि वह अपने पिछले बयान पर कायम हैं और उन्हें भारत में पैदा होने का गर्व है. आमिर ने विरोधि‍यों पर निशाना साधते हुए कहा है कि आलोचना करने वालों ने उनके बयान को सही साबित करने का काम किया है.

अपने ताजा बयान की शुरुआत में आमिर ने लिखा है, 'सबसे पहले मैं यह साफ कर देना चाहता हूं कि न तो मैं और न ही मेरी पत्नी किरण देश छोड़ने को लेकर विचार कर रहे हैं. हमने ऐसा कभी नहीं किया और न ही भविष्य में ऐसा कभी करेंगे.' आमिर ने आगे लिखा है कि भारत उनका देश है और उन्हें अपने देश से बेहद प्यार है. उन्हें खुद को भाग्यशाली मानते हैं कि उनका जन्म हिंदुस्तान में हुआ है.

'मैं अपने एक-एक शब्द पर कायम हूं'
सुपरस्टार आमिर ने लिखा है कि वह एक इंटरव्यू के दौरान अपने पिछले बयान में कहे हर एक बात पर आज भी कायम हैं. उन्होंने कहा, 'हर वह शख्स जो मुझे देशद्रोही बता रहे हैं, मैं उन्हें कहना चाहूंगा कि मुझे भारतीय होने पर गर्व है और मुझे अपनी देशभक्ति‍ साबित करने के लिए किसी के सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है.' बयान में वह आगे कहते हैं, 'जो लोग भी मेरे बयान को लेकर हल्ला मचा रहे हैं, मैं कहना चाहूंगा कि ऐसा कर वह मेरे बयान को ही सही साबित कर रहे हैं और यह दुखी करने वाला है.'

'जो साथ खड़े हैं, उनका धन्यवाद'
फिल्म 'जो जीता वही सिकंदर' से बॉलीवुड में छाने वाले आमिर ने कहा, 'जो लोग मेरे साथ खड़े रहे, मैं उन सभी का धन्यवाद करना चाहूंगा. हमें अपने इस खूबसूरत और अनूठे देश को बचाना होगा. हमें इसकी अखंडता, विविधता और समग्रता की सुरक्षा करनी होगी.'

आमिर खान ने अपने बयान के अंत में रवींद्र नाथ टैगोर की कविता 'व्हेयर द माइंड इज विदाउट फीयर' का भी जिक्र किया है.

पहले क्या कहा था आमिर ने
गौरतलब है कि देश में असहिष्णुता पर खत्म होती चर्चा-ए-आम की लौ को बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान ने सोमवार को हवा दे दी. उन्होंने कहा कि इस ओर कई घटनाओं ने उन्हें चिंतित किया है और पत्नी किरण राव ने एक बार यहां तक सुझाव दे दिया था कि उन्हें देश छोड़ देना चाहिए. आमिर के बयान पर राजनीतिक गलियारे से लेकर सिनेमा की दुनिया तक हर जगह खूब शोर हुआ.

पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए रामनाथ गोयनका पुरस्कार वितरण कार्यक्रम के दौरान आमिर खान ने उन लोगों का भी समर्थन किया था, जो अपने असहिष्णुता के खि‍लाफ अपना पुरस्कार लौटा रहे हैं. खान ने कहा, 'रचनात्मक लोगों के लिए उनका पुरस्कार लौटाना अपना असंतोष या निराशा व्यक्त करने के तरीकों में से एक है.'

'बढ़ी है असुरक्षा और भय की भावना'
आमिर ने कार्यक्रम में आगे कहा था, 'एक व्यक्ति के तौर पर, एक नागरिक के रूप में इस देश के हिस्से के तौर पर हम समाचार पत्रों में पढ़ते हैं कि क्या हो रहा है. हम इसे समाचारों में देखते हैं और निश्चित तौर पर मैं चिंतित हुआ हूं. मैं इससे इनकार नहीं कर सकता. मैं कई घटनाओं से चिंतित हुआ हूं.' अभिनेता ने कहा कि वह महसूस करते हैं कि पिछले छह से आठ महीने में असुरक्षा और भय की भावना बढ़ी है.

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