scorecardresearch
 

यूपी सरकार लगाए गुटखे पर रोकः इलाहाबाद HC

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी सरकार को गुटखा पान मसाला पर रोक लगाने के लिए 14 दिन का समय दिया है. कोर्ट ने कहा है कि अगर सरकार ने कदम नहीं उठाए तो कोर्ट खुद रोक लगाने का आदेश जारी कर सकता है.

Advertisement
X
गुटखा प्रतिबंध
गुटखा प्रतिबंध

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी सरकार को गुटखा पान मसाला पर रोक लगाने के लिए 14 दिन का समय दिया है. कोर्ट ने कहा है कि अगर सरकार ने कदम नहीं उठाए तो कोर्ट खुद रोक लगाने का आदेश जारी कर सकता है.

देश के कुछ राज्यों पर पहले ही गुटखे पर पाबंदी लग चुकी है. इससे पहले बंबई उच्च न्यायालय ने शनिवार को महाराष्ट्र में गुटखा और पान मसाला पर प्रतिबंध लगाने के राज्य सरकार के आदेश को बरकरार रखा था.

यह राज्य सरकार और तंबाकू विरोधी कार्यकर्ताओं की जीत थी. अदालत ने राज्य सरकार को आदेश दिया कि वह 25 सितंबर तक जब्त किए गए गुटखा पाउचों को नष्ट नहीं करे ताकि याचिकाकर्ता उच्चतम न्यायालय से राहत मांग सकें.

निर्माताओं का दावा है कि 19 जुलाई को प्रतिबंध लगाए जाने के बाद 10 करोड़ रुपये मूल्य का गुटखा जब्त किया गया है. अदालत ने गुटखा निर्माताओं को महाराष्ट्र और गुजरात के रास्ते अपने उत्पादों को कर्नाटक से राजस्थान ले जाने की अनुमति देने से भी इंकार कर दिया था.

अदालत ने कहा था कि इसे ले जाने की अनुमति नहीं दी जा सकती क्योंकि गुजरात और महाराष्ट्र ने गुटखा पर प्रतिबंध लगा रखा है.

Advertisement

राष्ट्रीय राजधानी में सभी गुटखा उत्पादों के निर्माण, बिक्री, भंडारण और डिस्प्ले पर गुरुवार से पूर्ण प्रतिबंध लगाया जा चुका है. प्रतिबंध में पान मसाला और निकोटिन तथा तंबाकू वाले उसी तरह के उत्पाद शामिल हैं.

प्रतिबंध को लागू करने के लिए दिल्ली सरकार ने अधिसूचना जारी की थी. सरकार ने सोमवार को गुटखा उत्पादों पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया था क्योंकि गुखा उत्पाद स्वास्थ्य के लिए खतरा हैं. गुजरात में 11 सितंबर को गुटखे पर प्रतिबंध लगाया जा चुका है. इसके अलावा हरियाणा में 15 अगस्त से गुटखे पर रोक लग चुकी है.

 

Advertisement
Advertisement