गुजरात के राज्यसभा चुनाव में 3 में से 2 सीटें जीतनी वाली बीजेपी को बड़ा झटका लगा है. जिस एक सीट को जीतने के लिए उन्होंने पूरी कोशिश की वहां पर कांग्रेस के चाणक्य अहमद पटेल जीते. अहमद पटेल को 44 वोट मिले. पटेल लगातार 5वीं बार राज्यसभा पहुंचे हैं.
चुनाव के नतीजों के लिए पूरी रात ड्रामा चलता रहा है, कांग्रेस विधायकों के वोट की मान्यता रद्द करने के लिए कांग्रेस तीन बार चुनाव आयोग पहुंची. तो उनके पीछे-पीछे बीजेपी भी तीन बार चुनाव आयोग पहुंचे. इस राजनीतिक ड्रामे के मजे सोशल मीडिया पर भी लिए गए, ट्विटर पर यह मुद्दा लगातार ट्रेंड में रहा. पढ़ें कुछ मजेदार ट्वीट्स.
Right now........!
— Phd in Bakchodi (@Atheist_Krishna)
Sonia Gandhi looking for MLA's who cross voted in 😂😂😹😹 after meeting with Congress members.
— Arnab Goswami (@Arnab_Goswami1)
MLAs with on their way to
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— WHO CARES (@_swaroop)
Be ready for such statements :
AP loses - BJP indulge in horse trading & misused Power
AP wins - Democracy wins
— Anshul Agarwal (@AnshulAgarwal4)
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— Anshul Agarwal (@AnshulAgarwal4)
बता दें कि मंगलवार शाम वोटिंग खत्म होने के बाद कांग्रेस ने रिटर्निंग ऑफिसर से अपनी पार्टी के दो बागी विधायकों के खिलाफ शिकायत दर्ज की. कांग्रेस ने आरोप लगाया कि दोनों के दौरान अपने बैलेट अमित शाह को दिखाए, जो नियम के खिलाफ है. हालांकि, बीजेपी इसे नकारती रही.
दिल्ली पहुंची गुजरात की लड़ाई
इसके बाद गुजरात राज्यसभा चुनाव का रण दिल्ली पहुंच गया. कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला और आरपीएन सिंह ने चुनाव आयोग जाकर मामले की शिकायत की. साथ ही उन्होंने अपनी दलील पेश करते हुए दो विधायकों के वोट रद्द करने की अपील की. कांग्रेस की इस प्रयास को कमजोर करने के लिए बीजेपी ने 6 केंद्रीय मंत्रियों का डेलीगेशन चुनाव आयोग भेजा. वित्त मंत्री अरुण जेटली के नेतृत्व में रविशंकर प्रसाद, पीयूष गोयल, मुख्तार अब्बास नकवी, निर्मला सीतारमण और धर्मेंद्र प्रधान ने चुनाव आयोग के दफ्तर पहुंचकर कांग्रेस की अपील को दरकिनार करने की मांग की.
बीजेपी का डेलीगेशन चुनाव आयोग के दफ्तर से निकला ही थी कि कुछ देर बाद वहां कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं का जमावड़ा लग गया. वरिष्ठ नेता पी.चिदंबरम, गुलाम नबी आजाद समेत कई नेताओं ने आयोग पहुंचकर अपनी दलीलें पेश कीं. कांग्रेस ने यहां हरियाणा में वोट रद्द होने की घटना का उदाहरण दिया. कांग्रेस के बाद फिर बीजेपी और बीजेपी के बाद फिर कांग्रेस, इस तरह से दोनों पार्टियों के नेता तीन-तीन बार आयोग में अपना पक्ष लेकर पहुंचे.
इसके बाद चुनाव आयोग में घंटों तक माथापच्ची चली. आखिरकार रात करीब 12 बजे आयोग ने कांग्रेस के दोनों बागी विधायकों के वोट रद्द करने का आदेश दिया. इस आदेश के साथ ही आयोग ने वोटों की काउंटिंग के भी निर्देश दिए. हालांकि, बीजेपी ने आयोग के इस फैसले को गलत ठहराया. गुजरात के डिप्टी सीएम नितिन पटेल ने आयोग के फैसले को गलत बताते हुए नाराजगी जताई. इस दौरान बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह गांधीनगर में काउंटिंग सेंटर के बाहर मौजूद रहे. उनके साथ गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपानी के साथ कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे.