औद्योगिक समूह टाटा संस के अंतरिम अध्यक्ष रतन टाटा ने शनिवार को कहा कि सरकार का नोटबंदी कार्यक्रम भारतीय इतिहास के 'तीन सबसे महत्वपूर्ण आर्थिक सुधार' में से एक है और इसके कार्यान्वयन को देश के समर्थन की जरूरत है. टाटा ने ट्वीट कर कहा, 'नोटबंदी कार्यक्रम भारतीय इतिहास के 'तीन सबसे महत्वपूर्ण आर्थिक सुधार' में से एक है और बाकी दो लाइसेंसराज की समाप्ति और जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) है.
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा हाल के दिनों में लेनदेन पर जोर देने से हम नकदी आधारित अर्थव्यवस्था से कैशलेस अर्थव्यवस्था की तरफ कदम बढ़ा रहे हैं. यह दीर्घकालिक रूप में गरीबों और वंचितों के लिए फायदेमंद होगा. काले धन से निपटने के लिए सरकार ने 8 नबंवर को 500 और 1000 रुपये के पुराने नोट को चलन से बाहर कर दिया.
टाटा ने कहा कि भारत में समानान्तर काले धन की से कर चोरी, काले धन को वैध बनाने की गतिविधियां और भ्रष्टाचार पनपता है. प्रधानमंत्री ने नोटबंदी के माध्यम से कालेधन की अर्थव्यवस्था के खिलाफ युद्ध छेड़ने का जबरदस्त साहस दिखाया है.
The government’s bold implementation of the demonetization programme needs the nation’s support.
— Ratan N. Tata (@RNTata2000)
इससे पहले 24 नबंवर को किए गए ट्वीट में ने सरकार को कुछ राहत भरे कदम उठाने की सलाह दी थी. इनमें गरीबों को जिस प्रकार आपदा के दौरान दैनिक जरूरतों के लिए विशेष सहायता दी जाती है, वैसी सहायता मुहैया कराने की बात कही थी.