सरकार भारतीय पर्यटन विकास निगम (आईटीडीसी) की लचर माली हालत सुधारने की जुगत में है. इसके लिए अब घाटे में चल रहे होटल बेचने की तैयारी हो रही है. केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय निगम के अधिकतर होटलों को बेचने की कार्यवाही अगले हफ्ते से शुरू करेगी.
देश में आईटीडीसी के 22 शहरों में चल रहे होटलों में से 15 को पहले राउंड में बेचने की योजना है. पर्यटन मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली में सिर्फ अशोक और सम्राट होटल को सरकार अपने पास रखेगी. बाकी होटलों को बिक्री के लिए निविदा आमंत्रित की जाएगी. कोई कंपनी लीज पर होटल लेने की इच्छुक होगी तो उस पर भी सरकार विचार कर सकती है.
सूत्रों के मुताबिक, चाहते हैं कि देश में देसी-विदेशी पर्यटकों की बढ़ती तादाद को देखते हुए ना केवल इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने पर जोर दिया जाय बल्कि होटलों की दशा भी सुधारी जाए. हालांकि, आईटीडीसी के कई होटल या तो घाटे में चल रहे हैं या फिर उनका स्तर बेहद गिर गया है. इसका एक विकल्प है कि सरकार उन पर बड़ी रकम खर्च करे. लेकिन सरकार दूसरे विकल्प पर चलते हुए उनकी बिक्री या फिर लीज पर देगी.
वाजपेयी के समय मुंबई के होटल सेंटूर की बिक्री को लेकर बवाल मचा था. इसलिए मोदी सरकार की कोशिश है कि पारदर्शी तरीके से पूरी प्रक्रिया अपनाई जाए, ताकि किसी को उंगली उठाने का मौका ना मिले.