गोवा के शहरी और देश नियोजन मंत्री विजय सरदेसाई ने घरेलू पर्यटकों पर विवादित बयान दिया है. मीडिया में आई रिपोर्टों के मुताबिक विजय सरदेसाई ने उत्तर भारतीय पर्यटकों को धरती पर गंदगी बताया. वहीं मंत्री ने भी अपनी सफाई पेश करते हुए कहा कि मीडिया ने उनके बयान को संदर्भ से हटकर लिया है. मंत्री के मुताबिक उन्होंने जो कहा, वो गोवा के लिए कहा. गोवा के लोग भी मानते हैं कि पर्यटकों में कुछ वर्ग के लोगों को नागरिक भावनाओं का एहसास नहीं है और वे उपद्रव करते हैं.
बिज फेस्ट में मंत्री ने कहा था, 'हम गोवा को दूसरा गुरुग्राम नहीं बनने दे सकते हैं. उत्तर भारत के राज्य गोवा में हो रही समस्याओं के जिम्मेदार हैं. इन राज्यों से आ रहे लोग गोवा में फिर से एक हरियाणा बनाना चाहते हैं.' सरदेसाई ने कहा कि उत्तर भारतीय पर्यटकों की बाढ़ के कारण कूड़े-कचरे की समस्या निपटाने में कठिनाई हो रही है.
मंत्री बोले- बयान पर कोई अफसोस नहीं
मीडिया में आई खबरों के बाद मंत्री विजय सरदेसाई ने ट्वीट कर कहा, 'गोवा आने वाले में से ही कुछ लोग हैं, जो भारी तादाद में कचरा उत्पन्न करते हैं. ऐसे में जरूरत है कि गोवा में पर्यटन को लेकर कुछ सुधार किए जाएं. गोवा विकास का मॉडल था, जहां संख्या नहीं, गुणवत्ता महत्वपूर्ण है. जहां तक मेरे बयान की बात है, मैंने सभी पर्यटकों को गंदगी नहीं कहा, बल्कि उनमें से कुछ उपद्रव पैदा करने वाले वर्ग के लोग धरती पर गंदगी हैं.' मंत्री ने कहा कि उन्हें सच्चाई बोलने में कोई शर्मिंदगी या अफसोस नहीं है और वे अपने बयान को गलत नहीं मानते.
Quoted out of context by media whilst reporting my speech @ yesterday’s GoaBizFest. believe that a certain section of who have no civic sense & create nuisance , are not welcome to the state. I haven’t generalised or have been xenophobic Only spoken for !
— Vijai Sardesai (@VijaiSardesai)
सरकार की पर्यटन नीति की आलोचना
मंत्री विजय सरदेसाई ने सरकार की सस्ती घरेलू पर्यटन नीति की भी निंदा की. विजय ने कहा कि सरकारी नीतियों की वजह से ही राज्य में 1.2 करोड़ पर्यटक आ जाते हैं. बीचों पर कचरे की समस्या का उल्लेख करते हुए कहा कि पर्यटक कम समय के लिए गोवा आते हैं, इसलिए उन्हें स्वच्छता बनाए रखने की शिक्षा देने की योजना भी नहीं बन पाई.