पिछले कुछ साल से देश में गोरक्षा से जुड़े अभियानों में तेजी आई है. हालांकि गाय की रक्षा के नाम पर देश के कई इलाकों में हिंसा भी हुई जिसमें काफी लोगों की जान भी चली गई. गौ संरक्षण के नाम पर बढ़ती हिंसा के खिलाफ संसद में भी आवाज उठी, लेकिन इसमें कमी नहीं आई है और आए दिन कहीं न कहीं से संरक्षण के नाम पर हिंसा की खबर सुनने को मिलती है. इस पर सुप्रीम कोर्ट कड़ी फटकार भी लगा चुका है.
गोसंरक्षण के नाम पर सोशल मीडिया पर काफी कुछ चलता रहता है. कई बार तो इन सबसे जुड़ी फर्जी खबरों से हिंसा और भड़क जाती है जिसका असर देश के अन्य क्षेत्रों पर भी पड़ता है. सोशल मीडिया के लोकप्रिय प्लेटफॉर्म फेसबुक की बात करें तो यहां पर गोरक्षा से जुड़े सैकड़ों पेज हैं. खास बात यह है कि कई पेज तो जिलास्तर पर बने हुए हैं.
गोरक्षा से जुड़े फेसबुक पेजों पर ऐसी तस्वीरों की भरमार है जिसमें गाय के साथ हो रही बर्बरता दिखाई जा रही है और लगातार ऐसे संदेश डाले जा रहे हैं जिसमें गोरक्षा से जुड़े अभियानों में हिस्सा लेने का अनुरोध किया जा रहा है.
फेसबुक पर गोरक्षा से जुड़े अभियानों पर ज्यादातर पेज 2015 या उसके आसपास बनाए गए हैं और इसमें फॉलोअर्स की संख्या 100 से लेकर 5 हजार तक की है.
शहर पर आधारित गौरक्षा से जुड़े FB पेज
| संगठन | फॉलोअर्स | जिस साल पेज बना |
| गौ रक्षा दल बालाघाट | 17,020 | 2013 |
| बरवाला विकलांग गौरक्षा संगठन | 7,509 | 2017 |
| गौ रक्षा समिति गाजियाबाद | 4,980 | 2013 |
| गोरक्षा युवा संगठन इंदौर | 4,828 | 2017 |
| गौ रक्षा दल लुधियाना | 1,193 | 2015 |
| गौरक्षा न्यूज़ सुरत | 4,872 | 2016 |
| गौ सेवा समिति नगर | 4,969 | 2017 |
| गौ सेवा समिति नगर, ब्रिजनगर | 4,805 | 2015 |
| गो पर्यावरण चेतना पदयात्रा | 4,999 | 2013 |
| गौ रक्षक सेना उत्तरप्रदेश , मथुरा | 4,901 | 2014 |
| राष्ट्रीय गोसेवा संघ नीमच | 4,998 | 2018 |
| जिलाअध्यक्ष गौपुत्र सेना चुरू | 4,968 | 2014 |
गौरक्षा से जुड़े अन्य फेसबुक पेज
| संगठन | फॉलोअर्स | जिस साल पेज बना |
| युवा हिन्दू गोरक्षा संगठन | 100 | 2015 |
| भारत गौरक्षा संगठन | 181 | 2015 |
| गौरक्षा संगठन | 220 | - |
| गौ रक्षा संगठन धार | 262 | 2016 |
| मैं गौपुत्र हूँ | 394 | 2012 |
| श्री गौ सेवा समिति | 498 | 2018 |
गो सेवा पक्शी सेवा दल | 836 | - |
गायों के संरक्षण को लेकर इससे जुड़े अभियानों में तेजी आई है. हालांकि इस कारण हिंसा में भी वृद्धि हुई है. मध्य प्रदेश सरकार ने गौरक्षा के नाम पर हिंसा करने वालों पर अंकुश लगाने के लिए कानून बनाने का फैसला लिया है जिसमें कड़ी सजा का प्रावधान भी किया जाएगा. कानून बनने की सूरत में मध्य प्रदेश पहला ऐसा राज्य बन जाएगा जहां पर गौरक्षा के नाम पर होने वाली कथित गुंडागर्दी पर लगाम लगाने के लिए कानून बनाया जा रहा है. हिंसा के दोषी लोगों को जेल और जुर्माना देने का प्रावधान किया जा रहा है.
देश में पिछले दो सालों में मॉब लिंचिंग की कई घटनाएं सामने आई हैं जिसमें ज्यादातर गौरक्षा से जुड़ी हुई थी. 9 राज्यों में अब तक 40 से अधिक लोगों को उन्मादी भीड़ ने पीट-पीट कर मार डाला है. झारखंड, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में ऐसी कई घटनाएं घटी हैं.