भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के पूर्व चीफ जी माधवन नायर ने चंद्रयान-2 को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि चंद्रयान-2 इसरो का अब तक का सबसे कठिन मिशन है. उन्होंने कहा कि यह मिशन चंद्रयान-1 का फॉलो मिशन है, जो चंद्रयान-1 द्वारा जुटाए गए डेटा की पुष्टि करेगा. माधवन का बयान ऐसे समय में आया है जब इसरो चंद्रयान-2 को लॉन्च करने जा रहा है.
श्रीहरिकोटा में चंद्रयान 2 के लिए काउंटडाउन शुरू हो चुका है. रविवार सुबह 6:51 पर जीएसएलवी मार्क 3 के लिए काउंटडाउन शुरू कर दिया गया. 20 घंटे पहले काउंटडाउन शुरू किया गया है. चंद्रयान 2 मिशन को 15 जुलाई को तड़के 2:51 पर लॉन्च किया जाएगा. इसरो के अधिकारियों के मुताबिक, लॉन्चिंग की सारी चीजें दुरुस्त हैं और सब कुछ प्लानिंग के तहत ही चल रहा है.
Former Chief, G Madhavan Nair: is going to be the most complex mission that ISRO has undertaken so far. Scientifically, it is a follow on mission to confirm data from Chandrayaan-1. It is going to be a big motivator for the young scientific groups.
— ANI (@ANI)
इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन यानी इसरो चंद्रयान 2 के लिए भारत के सबसे ताकतवर लॉन्चर जीएसएलवी मार्क 3 इस्तेमाल कर रही है. इस स्पेस मिशन का टारगेट है चंद्रमा पर एक रोबोटिक रोवर उतारना, जिससे चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर मौजूद खनिज पदार्थों के बारे में छानबीन की जा सके. ऐसा पहली दफा है जब भारत चंद्रमा पर रोवर उतारने की कोशिश कर रहा है. अगर भारत को सफलता मिलती है तो भारत चौथा ऐसा देश हो जाएगा जिसने चंद्रमा पर सॉफ्ट लैंडिंग की है.