प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भारत में काम कर रही गैर सरकारी संस्था ग्रीनपीस इंडिया के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. ईडी ने करप्शन के एक मामले में बेंगलुरु स्थित एनजीओ के दफ्तर पर छापे मारकर अहम दस्तावेज बरामद किए हैं. ईडी ने ग्रीनपीस इंडिया के कुछ दूसरे ठिकानों पर भी छापेमारी की है. रिपोर्ट के मुताबिक ये Foreign Exchange Management Act (FEMA) नियमों के उल्लंघन का मामला है.
29 करोड़ रुपये की जांच
द हिन्दू की एक रिपोर्ट के मुताबिक, "एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सोमवार को डायरेक्ट डॉयलाग इनिशियेटिव इंडिया प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी के ठिकानों पर छापेमारी की गई, इस कंपनी का गठन अक्टूबर 2016 में हुआ था, कंपनी को 29 करोड़ रुपये बतौर प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के रुप में मिले, जांच एजेंसी को आशंका है कि इस फंड का इस्तेमाल ग्रीनपीस इंडिया की गतिविधियों के लिए किया गया."
छापेमारी के बाद ग्रीनपीस ने कहा है कि उसकी गतिविधियों के लिए मिलने वाले सारे फंड भारतीयों ने दिये हैं. एनजीओ ने एक बयान जारी कर कहा, "ग्रीनपीस इंडिया स्पष्ट रुप से कहना चाहता है कि इस संगठन को सैकड़ों भारतीय नागरिक आर्थिक रुप से मदद करते हैं, इसमें से एक रुपया भी विदेशी नहीं है, ग्रीनपीस इंडिया अपने समर्थकों की मदद से जलवायु परिवर्तन, स्वच्छ हवा और स्वच्छ भोजन का अधिकार जैसे संवेदनशील मुद्दों पर काम करता है."
मोदी सरकार ने रद्द किया था FCRA लाइसेंसईडी अधिकारियों ने कहा है कि अब फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट के तहत जांच की जा रही है. बता दें कि सितबंर 2015 में नरेंद्र मोदी सरकार ने ग्रीनपीस इंडिया का Foreign Contribution Regulation Act (FCRA) लाइसेंस रद्द कर दिया था. ग्रीनपीस इंडिया पर सरकार ने आरोप लगया था कि एनजीओ की गतिविधिया भारत सरकार के हितों के खिलाफ थीं.