तालिबान ने उत्तर पश्चिमी पाकिस्तान में एक फरमान जारी कर बस मालिकों से कहा है कि वो बसों में गाने ना बजाएं, फिल्में ना दिखाएं. बसों से म्यूजिक सिस्टम हटा लें. तालिबान के डर से बस वालों ने बसों से ऑडियो वीडियो सेट हटा लिए हैं.
उत्तर पश्चिम पाकिस्तान के अपने दबदबे वाले इलाके में पिछले दिनों तालिबान ने जारी कर दिया बसों से ऑडियो-वीडियो सेट हटाने का फरमान. तालिबान ने धमकी दी थी जिन गाड़ियों में गाना बजते या फिल्म चलते पाया गया, उन पर फिदाईन हमले होंगे. तालिबान का कहना है संगीत और फिल्म के जरिये बस वाले अश्लीलता फैलाते हैं. धर्मनिष्ठ लोगों को इससे मानसिक पीड़ा पहुंचती है.
अब उत्तर पश्चिम पाकिस्तान में किसकी मजाल जो तालिबान के आगे सिर उठा ले क्योंकि यहां के ज्यादातर इलाकों में पत्ता भी खड़कता है तो तालिबान के इशारे पर. तालिबान का आदेश आना था कि बस वालों ने अपनी गाड़ियों से ऑडियो-वीडियो सेट हटाने शुरू कर दिए. अब तक इलाके के ज्यादातर बस मालिक अपनी बसों से स्टीरियो और वीडियो प्लेटर हटा चुके हैं.
दरअसल अपना दबदबा दिखाने के लिए ऐसे फरमान जारी करना तालिबान की फितरत में शुमार है. पिछले दिनों तालिबान के नंबर दो माने जाने वाला फज़लुल्ला ने पूरे स्वात घाटी में लड़कियों की पढ़ाई पर पाबंदी लगाने का फरमान जारी किया था और हुक्म की तामील की आखिरी तारीख 15 जनवरी मुकर्रर कर दी थी.
तालिबान ने अपने कब्जे वाले इलाकों में खुली धमकी दे दी कि अगर उसकी नाफरमानी करते हुए कोई स्कूल खुला और कोई भी लड़की पढ़ने गयी तो फिर उसका नतीजा होगा बमबारी और मौत. फिर तो बच्चों ने स्कूल जाना बंद कर दिया और कई सरकारी अधिकारी तो इलाके से ही भाग निकले. तालिबान के इस ख़तरनाक फ़तवे से करीब 40 हज़ार बेटियां पढ़ाई से महरूम हो गईं. 400 प्राइवेट स्कूलों में ताले जड़ गए और करीब 170 सरकारी स्कूलों को आतंकवादियों ने बमों से उड़ा दिया.