scorecardresearch
 

वेमुला केस पर स्मृति ईरानी के भाषण पर उठे सवाल, छात्रों ने जारी किया नया वीडियो

केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी ने बुधवार को लोकसभा में ऐसा आक्रामकता भरा भाषण दिया, कि वो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. भाषण देने के बाद से ही स्मृति फेसबुक और ट्विटर जैसे सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म पर ट्रेंड करने लगीं. लेकिन अब रोहित वेमुला केस में उनके दावों पर सवाल उठ रहे हैं.

X
स्मृति का था दावा कि रोहित के पास नहीं जाने दिया गया कोई डॉक्टर स्मृति का था दावा कि रोहित के पास नहीं जाने दिया गया कोई डॉक्टर

केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी ने बुधवार को लोकसभा में ऐसा आक्रामकता भरा भाषण दिया, कि वो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. भाषण देने के बाद से ही स्मृति फेसबुक और ट्विटर जैसे सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म पर ट्रेंड करने लगीं. लेकिन अब रोहित वेमुला केस में उनके दावों पर सवाल उठ रहे हैं.

स्मृति का बयान
अपने 48 मिनट के भाषण में उन्होंने कभी आक्रोशित होकर तो कभी भावुक होकर जवाब दिए, जिसकी सबने सराहना की, लेकिन क्या उन्होंने जो तथ्यों सदन और देश के सामने पेश किए, वो गलत हैं? हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी में पीएचडी के स्कॉलर रोहित वेमुला की आत्महत्या के मामले पर स्मृति ने कहा था कि रोहित के शव के पास किसी डॉक्टर को जाने की इजाजत नहीं दी गई बल्कि उसको राजनीति करने के लिए इस्तेमाल किया गया. मंत्री महोदया ने अपने भाषण में कहा, 'पुलिस ने बताया कि इस बच्चे के पास किसी डॉक्टर को नहीं जाने दिया, ताकि उसका इलाज किया जा सके. बल्कि उसके शव का इस्तेमाल राजनीतिक हथियार के तौर पर किया गया.' स्मृति ईरानी ने ये बात तेलंगाना पुलिस की तरफ से दी गई रिपोर्ट के आधार पर कही.

मंत्री के दावे खारिज
लेकिन दूसरी तरफ हैदराबाद यूनिवर्सिटी में ड्यूटी पर तैनात मेडिकल इग्जामिनर ने स्मृति के उन दावों को खारिज किया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि होस्टल के कमरे में वेमुला को फांसी पर देखे जाने के बाद किसी भी डॉक्टर को उसके पास नहीं जाने दिया गया. चीफ मेडिकल ऑफिसर डॉ. राजश्री ने बताया, 'उनका शरीर ठंडा पड़ा था और अकड़ गया था. मैं जानती थी कि उसकी मौत हो चुकी है लेकिन फिर भी मैंने अपना काम किया. उसकी नब्ज नहीं चल रही थी.'

गुस्से में रोहित के साथी
स्मृति के बयान के बाद वेमुला को न्यात दिलाने के लिए लड़ रहे लोगों के बीच गुस्सा है. जिकरुल्ला निशा नाम के एक छात्र ने फेसबुक पर स्मृति को झूठा करार देते हुए असली कहानी बताई है. 17 जनवरी को रोहित की खुदकुशी की जानकारी मिलते हुए हेल्थ सेंटर को कॉल करने वाले जिकरुल्ला ही थे. हैदराबाद यूनिवर्सिटी कैंपस में बने न्यू रिसर्च स्कॉलर्स होस्टल के कमरा नंबर 207 में रोहित का शव शाम को 6.30 बजे से 7 बजे के बीच पंखे से लटका पाया गया था.

जिकरुल्ला ने अपने पोस्ट में लिखा:
झूठी झूठी
मैं ही वो इंसान था, जिसने एनआरएस हॉस्टल में रोहित की खुदकुशी के तुरंत बाद हेल्थ सेंटर को कॉल किया था.
5 मिनट के अंदर हेल्थ सेंटर की CMO डॉ. राजश्री पी मौके पर पहुंचीं और रोहित की नब्ज देखने के बाद उसे मृत घोषित कर दिया. वहां तेलंगाना पुलिस भी मौजूद थी.
आज MHRD मंत्री ने पूरे देश से झूठ बोला कि अगले दिन सुबह 6.30 बजे तक किसी डॉक्टर या पुलिस को रोहित के शव को देखने नहीं दिया गया.

Zikrullah writes "Liar..Liar..I was the person who called health center immediately after learning that Rohith Hanged...

Posted by Nanditha Mathew on Wednesday, February 24, 2016

वीडियो आया सामने
जिकरुल्ला ने अगले पोस्ट में एक वीडियो शेयर की है, जिसमें पुलिस रोहित के शव के पास नजर आ रही है. जिकरुल्ला ने इसके साथ लिखा, 'MHRD मंत्री ने संसद में झूठ बोला. वीडियो में दिख रही महिला हैदराबाद यूनिवर्सीटी की चीफ मेडिकल ऑफिसर डॉ. राजश्री पी हैं. तेलंगाना पुलिस को भी देखा जा सकता है.

Liar... Liar.. MHRD minister lied in the parliament. The lady in the video is Dr. Rajashree P the Chief Medical...

Posted by Zikrullah Nisha on Wednesday, February 24, 2016

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें