देश में कोरोना संक्रमण के मामलों में तेजी से इजाफा हो रहा है. भारत तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के जवान भी कोरोना की चपेट में आ चुके हैं. अब तक 45 आईटीबीपी कर्मियों में कोविड-19 संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है.
आधिकारिक जानकारी के मुताबिक आईटीबीपी के 45 जवान कोरोना संक्रमित हो चुके हैं. इनमें से 43 कर्मी आईटीबीपी के टिगरी कैंप, नई दिल्ली यूनिट में तैनात थे. जो राजधानी में आतंरिक सुरक्षा कार्यों में लगी हुई है. इनमें से 2 संक्रमितों को सफदरजंग अस्पताल में भर्ती करवाया गया है, जबकि 41 आईटीबीपी कर्मी सीएपीएफ रेफरल अस्पताल, ग्रेटर नॉएडा में भर्ती हैं.
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संपर्क में आए जवानों को किया गया क्वारनटीन
बताया जा रहा है कि कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग के बाद इस यूनिट के 76 जवानों को आईटीबीपी के छावला क्वारनटीन सेंटर में अलग रखा गया है. वहीं, नई दिल्ली के रोहिणी इलाके में दिल्ली पुलिस के साथ कानून व्यवस्था में तैनात एक आईटीबीपी कंपनी के 2 जवानों का पूर्व में कोरोना का टेस्ट पॉजिटिव आया था. इन्हें एम्स, झज्जर में भर्ती करवाया गया है. जिसके बाद कंपनी के बाकी 91 जवानों को आईटीबीपी छावला में क्वारनटीन में रखा गया है. कोविड-19 जांच के लिए इन सब जवानों के सैंपल लिए जा चुके हैं. हालांकि, अभी रिपोर्ट आने का इंतजार है.
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ग्रेटर नोएडा का अस्पताल बना कोविड-19 हॉस्पिटल
इस बीच आईटीबीपी ने कोरोना संक्रमित जवानों को सीएपीएफ रेफरल अस्पताल, ग्रेटर नोएडा में रेफर कर दिया है. 200 बिस्तरों वाला यह अस्पताल अब कोविड-19 के संक्रमित जवानों का हॉस्पिटल बन गया है. इस अस्पताल में अभी आईटीबीपी के 44 और बीएसएफ के 8 जवान यानी कुल 52 जवान भर्ती हैं. जहां, तय मेडिकल प्रोटोकॉल के अनुसार इनकी देखरेख की जा रही है.
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केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के विशेषज्ञ डॉक्टर्स इनकी देखभाल कर रहे हैं. अस्पताल में सभी आवश्यक इक्विपमेंट और संसाधन उपलब्ध हैं. साथ ही संपर्क में आए लोगों की ट्रेसिंग की गई है. संपर्क में आए लोगों के सैंपल की जांच जारी है.