दिल्ली हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में कहा है कि छोटे-मोटे मामलों सजायाफ्ता सरकारी मुलाजिम हो सकते हैं.
अदालत के मुताबिक मामूली अपराधों में सजा होने का ये मतलब कतई नहीं कि सजायाफ्ता को सरकारी नौकरी नहीं मिले.
हाईकोर्ट में दिल्ली पुलिस के एक एसआई का मामला चल रहा है जिसपर सुनवाई के दौरान अदालत ने यह फैसला सुनाया.
अदालत ने दिल्ली सरकार से कहा कि ऐसे मामलों में मानवीय रवैया अपनाने और हमदर्दी की जरूरत है क्योंकि इन्सान की जिंदगी अनमोल है.
अदालत ने अगली सुनवाई में दिल्ली सरकार से इस बारे में नीति बना कर पेश करने को कहा.