कांग्रेस ने सरकार की प्रधानमंत्री जनधन योजना को जुमला बताया है. वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने गुरुवार को आरोप लगाया कि इन खातों का इस्तेमाल नोटबंदी के दौरान काले धन को सफेद करने के लिए किया गया. उन्होंने कहा कि इन खातों में उस समय 42,187 करोड़ रुपये जमा हुए.
चिदंबरम ने कहा कि जनधन खातों के जरिए सही तरीके से वित्तीय समावेश को आगे बढ़ाने के बजाय नरेंद्र मोदी सरकार रिकॉर्ड तोड़ने और चर्चा में बने रहना चाहती है. उन्होंने कहा, जिस तरह से भारत की कहानी 26 मई, 2014 को नहीं शुरू हुई थी उसी तरीके से जनधन योजना के जरिए वित्तीय समावेशन भी शुरू नहीं हुआ है. संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार ने वित्तीय समावेश के विचार को आगे बढ़ाया था.
चिदंबरम ने कहा , यह सभी को पता है कि इन खातों का इस्तेमाल नोटबंदी के बाद कालेधन को सफेद करने के लिए किया गया था. 8 नवंबर, 2016 से 30 दिसंबर, 2016 के दौरान इन खातों में 42,187 करोड़ रुपये की भारी भरकम रकम जमा हुई है.
चिदंबरम ने कहा कि शुरुआत में वित्त मंत्री ने 12 नवंबर, 2016 को कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी थी, लेकिन वित्त सचिव ने इसमें लगने वाले समय का हवाला देते हुए जांच से इनकार किया था. उन्होंने कहा कि अकेले यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया में 11 लाख 80 हजार जनधन खाते हैं, जिनमें कथित तौर पर एक-एक लाख रुपये से अधिक की बचत है. कांग्रेस नेता ने कहा कि खातों की संख्या बढ़ने से ग्रामीण आबादी में साख प्रवाह में अभिवृद्धि नहीं हो पाई. उन्होंने कहा, जनधन खातों का उपयोग नोटबंदी के बाद कालेधन को सफेद करने के लिए किया गया.