एयरसेल-मैक्सिस डील मामले में पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम पर लटकी गिरफ्तारी की तलवार कुछ दिनों के लिए टल गई है. गुरुवार को पटियाला हाउस कोर्ट ने चिदंबरम की गिरफ्तारी पर रोक को 26 नवंबर तक के लिए बढ़ा दिया है. मामले की अगली सुनवाई भी 26 नवंबर को ही होगी.
इससे पहले ईडी ने कोर्ट को कहा था कि पूर्व वित्त मंत्री पूछताछ में उनकी मदद नहीं कर रहे हैं, इसलिए वह चाहते हैं कि वह उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया जाए.
पिता पी. चिदंबरम के साथ बेटे कार्ति की भी गिरफ्तारी 26 नवंबर तक लिए टल गई है. हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने उनकी विदेश जाने की अर्जी पर तुरंत सुनवाई करने से मना कर दिया है.
गुरुवार को कोर्ट में कपिल सिब्बल और अभिषेक मुन सिंघवी पूर्व वित्त मंत्री की ओर से पेश हुए. उन्होंने कहा कि ईडी ने बुधवार शाम को ही इसपर जवाब दिया है, इसलिए उन्हें अपना जवाब दायर करने के लिए कुछ समय चाहिए.
वहीं सॉलिसिटर जनरल ने ईडी की तरफ से कोर्ट को बताया कि उन्हें चिदंबरम को न्यायिक हिरासत में भेजना चाहिए, क्योंकि वह पूछताछ में मदद नहीं कर रहे हैं. इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें इस जांच को एक डेडलाइन में खत्म करने को भी कहा है.
बता दें कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को दिल्ली की अदालत से पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम की एयरसेल-मैक्सिस धनशोधन मामले में अग्रिम जमानत याचिका का विरोध किया और पूछताछ के लिए हिरासत में लेने पर जोर दिया.
एयरसेल-मैक्सिस सौदा मामले में अदालत ने 8 अक्टूबर को चिदंबरम और उनके बेटे कार्ति की गिरफ्तारी से सुरक्षा 1 नवंबर तक बढ़ा दी थी.
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और ईडी मिलकर यह जांच कर रहे हैं कि किस प्रकार कथित रूप से कार्ति चिदंबरम ने एयरसेल-मैक्सिस सौदे में निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) की मंजूरी हासिल की, जबकि उनके पिता साल 2006 में केंद्रीय वित्त मंत्री थे.