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चंद्रयान-2: कांग्रेस ने लिया क्रेडिट, याद दिलाया नेहरू-मनमोहन का योगदान

कांग्रेस ने कहा देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने अंतरिक्ष कार्यक्रमों के लिए 1962 में पहली बार INCOSPAR के जरिए फंड जुटाने की पहल की थी. यही बाद में इसरो बना.

पंडित जवाहर लाल नेहरू (फोटो-कांग्रेस के टि्वटर हैंडल से) पंडित जवाहर लाल नेहरू (फोटो-कांग्रेस के टि्वटर हैंडल से)

चंद्रयान-2 की सफल लॉन्चिंग पर कांग्रेस ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) की टीम को बधाई दी है. कांग्रेस पार्टी ने सोमवार को एक ट्वीट में कहा कि यह जवाहर लाल नेहरू को याद करने का सही समय है. कांग्रेस ने कहा कि देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने अंतरिक्ष कार्यक्रमों के लिए 1962 में पहली बार INCOSPAR के जरिए फंड जुटाने की पहल की थी. यही बाद में इसरो बना.कांग्रेस ने अपने ट्वीट में कहा कि चंद्रयान मिशन को साल 2008 में यूपीए कार्यकाल के दौरान डॉक्टर मनमोहन सिंह ने मंजूरी दी थी. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) का दूसरा मून मिशन Chandrayaan-2 सफलतापूर्वक लॉन्च हो गया है.

चंद्रयान-2 को 22 जुलाई को दोपहर 2.43 बजे देश के सबसे ताकतवर बाहुबली रॉकेट GSLV-MK3 से लॉन्च किया गया. अब चांद के दक्षिणी ध्रुव तक पहुंचने के लिए चंद्रयान-2 की 48 दिन की यात्रा शुरू हो गई है. करीब 16.23 मिनट बाद चंद्रयान-2 पृथ्वी से करीब 182 किमी की ऊंचाई पर जीएसएलवी-एमके3 रॉकेट से अलग होकर पृथ्वी की कक्षा में चक्कर लगाना शुरू करेगा.

चंद्रयान-2 के साथ जीएसएलवी-एमके तीन को पहले 15 जुलाई को तड़के 2.51 बजे लॉन्च किया जाना था. हालांकि लॉन्च से एक घंटा पहले एक तकनीकी खामी के पाए जाने के बाद इसे स्थगित कर दिया गया था.

इसरो ने बाद में 44 मीटर लंबे और लगभग 640 टन वजनी जियोसिंक्रोनाइज सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल - मार्क तीन (जीएसएलवी - एमके तृतीय) की खामी को दूर कर दिया. जीएसएलवी - मार्क तीन का उपनाम बाहुबली फिल्म के इसी नाम के सुपर हीरो के नाम पर बाहुबली रखा गया है.

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