भारत की खुफिया एजेंसियों ने चिंता जताते हुए भारतीय सेना को अलर्ट किया है. खुफिया एजेंसियों के मुताबिक पाकिस्तान से इस तरह का इंटरसेप्ट मिला है कि पाकिस्तान भारत के बॉर्डर इलाके के जल स्रोत को दूषित कर सकता है. जिससे सेना को नुकसान पहुंचाया जा सके. मिलिट्री इंटिलीजेंस की सूचना के बाद बॉर्डर के इलाकों में . इसके साथ ही सभी तरह के पानी टेस्टिंग के आदेश जारी कर दिए गए है.
अब तक शांत सरहद कही जाने वाली पश्चिमी राजस्थान की भारत-पाक सीमा नापाक निगाहों के लिए घुसपैठ की आसान राह का विकल्प बनती नजर आ रही थी लेकिन अब एक चौकाने वाली जानकारी के मुताबिक सरहदी गावों के जल स्रोत भी है. इस सनसनीखेज खुलासे के बाद जिला प्रशासन ने ना केवल जलदाय विभाग को मामले को गंभीरता से लेने के आदेश जारी किए है बल्कि आम जनता को भी सचेत रहने की अपील की है.
राजस्थान के बाड़मेर जिले में बीते दिनों हुई जिला स्तरीय आंतरिक सुरक्षा की बैठक में सेना के अधिकारियों द्वारा जिला प्रशासन के उच्च . इस बैठक में मिली खुफिया जानकारी के मुताबिक सरहद से सटे गावों के जी एल आर, एस एल आर और सार्वजनिक जगहों में असामाजिक तत्वों और अनजान लोगों द्वारा विषाक्त पदार्थ डाल कर पेयजल को दूषित किया जा सकता है.
सेना ने अपनी यह चिंता किस जानकारी के आधार पर प्रकट की, इस बात का खुलासा उन्होंने बैठक में नही किया लेकिन जिला प्रशासन को मामले को गंभीरता से लेने की बात जरूर कही. मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला कलेक्टर मधुसूदन शर्मा ने जलदाय विभाग के अधीक्षण अभियन्ता को उनके सभी अधिशासी अभियन्ता को अपने-अपने इलाके के जलदाताओ की कर दिए गए है.
इस बात के भी निर्देश दिए गए कि आम जनता को भी इस बात का ध्यान रखना होगा कि वह जिस स्रोत से पानी लेते है वहा कोई अनजान शख्स तो नही घूम रहा. अमूमन सरहदी इलाकों में रहने वाले अपने आसपास के गावों के लोगों को भी पहचानते है ऐसे में जलदाताओं के आसपास किसी अनजान शख्स की मौजूदगी खतरा हो सकती है. गांववालों को इस तरह की किसी भी हरकत से उस अनजान से उसकी पहचान पूछने के साथ-साथ कुछ संदिग्ध होने पर पुलिस और जलदाय विभाग को जानकारी देने की बात कही गई है.
सेना द्वारा अलर्ट के बाद जिला प्रशासन द्वारा जलदाय विभाग को मामले पर कदम बढ़ाने के आदेश जारी किये गए. जलदाय विभाग ने अपने सभी अधिशासी अभियंताओं को निगरानी के आदेश जारी करने के साथ साथ सीसीडीयू के आईईसी अनुभाग को भी आदेश जारी किए हैं कि आम जनता में इस बात का प्रचार प्रसार करे. सीसीडीयू के आईईसी कन्सलटेंट अशोक सिंह के मुताबित उनका यह लक्ष्य है कि सरहदी इलाकों में अधिक से अधिक लोगों तक यह बात पहुचाई जाए कि वह अपने पेयजल स्रोतों का ख्याल रखें. पानी पर तैरती किसी भी अनजान चीज अथवा पानी के रंग बदलने की स्थिति में उसका सेवन ना करे.