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राष्ट्रपति से संसद में जम्मू-कश्मीर पर झूठ बुलवाया, मोदी सरकार माफी मांगे: आजाद

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बजट सत्र के अभिभाषण में सीएए और जम्मू-कश्मीर के 370 हटाने को सरकार का ऐतिहासिक कदम बताया. इस पर कांग्रेस ने आपत्ति जताई है. कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि सीएए के खिलाफ लोग सड़क पर हैं और कश्मीर में अभी हालत सही नहीं है. ऐसे में सरकार को झूठ बोलने के लिए माफी मांगनी चाहिए.

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कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने किया मोदी सरकार पर हमला
कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने किया मोदी सरकार पर हमला

  • राष्ट्रपति के अभिभाषण पर कांग्रेस ने जताई आपत्ति
  • कहा- J-K पर झूठ बोलने के लिए सरकार मांफी मांगे

संसद में बजट सत्र के दौरान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अपना अभिभाषण दिया. राष्ट्रपति ने नागरिकता कानून को मोदी सरकार की बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि इस तरह से महात्मा गांधी के सपनों को पूरा किया है. इसके साथ ही उन्होंने जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाने को ऐतिहासिक कदम भी बताया. सीएए और जम्मू-कश्मीर से 370 के हटाने के जिक्र पर कांग्रेस ने आपत्ति जताते हुए कहा कि सरकार जम्मू-कश्मीर मुद्दे पर झूठ बोल रही है.   

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा जम्मू-कश्मीर में हजारों की तादाद में लोग मारे गए हैं. सरकार राष्ट्रपति के अभिभाषण में जम्मू-कश्मीर मुद्दे का जिक्र कर इसे अपनी उपलब्धि मानती है, जो एक शर्म की बात है.

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कांग्रेस नेता ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में छह महीने के बाद कुछ-कुछ देर के लिए टेलीफोन खुल रहे हैं और सरकार कह रही है कि विकास हो रहा है. इससे बड़ा कोई और मजाक नहीं हो सकता है. गुलाब नबी आजाद ने कहा कि सरकार को राष्ट्रपति के अभिभाषण में झूठ बोलने के लिए देश और जम्मू-कश्मीर के लोगों से माफी मांगनी चाहिए.

सीएए को सरकार का ऐतिहासिक कदम बताए जाने पर गुलाब नबी आजाद ने कहा कि सीएए के खिलाफ देश में हजारों प्रदर्शन चल रहे हैं. देश का युवक और छात्र सकड़ों पर खड़े हैं. बीजेपी सरकार की गोली का 30 लड़के शिकार हुए और उनकी मौत हो गई. इसे सरकार ऐतिहासिक कदम बता रही है.

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गुलाम नबी ने कहा कि राष्ट्रपति के अभिभाषण में कुछ चार तो कुछ पांच साल पुरानी चीजें थीं. उन्होंने कहा कि सरकार को लोगों की आवाज सुननी चाहिए. महंगाई के बारे में कोई चर्चा नहीं है और जीडीपी जो गिर रही है उस पर भी कोई चर्चा नहीं है.

आरजेडी नेता और राज्यसभा सदस्य मीसा भारती ने कहा कि सीएए के खिलाफ जो धरना प्रदर्शन चल रहे हैं, इसे सरकार धार्मिक रंग देने की कोशिश कर रही है. उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के अभिभाषण में बेरोजगारी पर कोई चर्चा नहीं थी और न ही गिरती हुई जीडीपी का कोई जिक्र था.

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