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जिस सच्चाई को कांग्रेस ने छुपाया वह बाहर आ गई: जावड़ेकर

शुरू में निरूपम ने यह कहते हुए इस विवाद से पल्ला झाड़ लिया था कि उनका इन लेखों से कोई लेना-देना नहीं हैं. बाद में उन्होंने ‘गलती’ मानी और पत्रिका के संपादकीय प्रभारी को बर्खास्त कर दिया.

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मुखपत्र के संपादक और मुंबई कांग्रेस के अध्यक्ष संजय निरूपम के सियासी जख्मों को कुरेदते हुए केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने उन्हें ‘बधाई’ दी और कहा कि निरूपम इस तरह के लेखों के लिए जाने जाते थे, जब वह शिवसेना के मुखपत्र के हिंदी संस्करण ‘दोपहर का सामना’ के संपादक हुआ करते थे.

पत्रिका के संपादकीय प्रभारी बर्खास्त
शुरू में निरूपम ने यह कहते हुए इस विवाद से पल्ला झाड़ लिया था कि उनका इन लेखों से कोई लेना-देना नहीं हैं. बाद में उन्होंने ‘गलती’ मानी और पत्रिका के संपादकीय प्रभारी को बर्खास्त कर दिया.

'मुखपत्र का नाम सत्यार्थ दर्शन करे कांग्रेस'
जावड़ेकर ने मीडिया से कहा, ‘कांग्रेस के जिस मुखपत्र का नाम ‘कांग्रेस दर्शन’ है उसे ‘सत्यार्थ दर्शन’ कहा जाना चाहिए. यह महत्वपूर्ण है कि यह सब पार्टी के 131वें स्थापना दिवस पर आया है. प्रधानमंत्री बनने को लेकर सरदार पटेल को कांग्रेस में अधिकतम समर्थन हासिल था, लेकिन गांधी जी ने नेहरू का नाम प्रस्तावित किया और पटेल को पीछे छोड़ दिया.’

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उन्होंने कहा, ‘पटेल ने 562 सूबों का भारत में विलय कराया और नेहरू सिर्फ कश्मीर के प्रभारी थे और यह समस्या बनी रही. पटेल ने तिब्बत पर चीन के विश्वासघात को लेकर आगाह किया था. यह बीजेपी या जावड़ेकर का कथन नहीं, बल्कि कांग्रेस के मुखपत्र का है. कांग्रेस जिसे छिपा रही थी वो सामने आ गया. मैं संजय निरूपम को बधाई देता हूं.’

'क्या संजय निरूपम वे कॉपी-पेस्ट किए लेख'
प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि क्या निरूपम ने कुछ लेखों को कॉपी-एंड-पेस्ट कर दिया जो शायद पहले उन्होंने ‘सामना’ के लिए लिखे थे. मुखपत्र के दूसरे लेख का हवाला देते हुए बीजेपी नेता ने कहा कि कांग्रेस ने भी ‘स्वीकार कर लिया’ कि सोनिया गांधी के पिता ‘फासीवादी ताकतों’ के साथ थे और शादी के लंबे समय बाद तक वह भारत की नागरिक नहीं बनीं. प्राथमिक सदस्य बनने के 62 दिनों के भीतर उनको कांग्रेस अध्यक्ष बना दिया गया.

उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस को स्पष्टीकरण देना चाहिए और सोनिया गांधी को भी कुछ कहना चाहिए,’ मुखपत्र के संपादकीय प्रभारी को बर्खास्त किए जाने को लेकर कटाक्ष करते हुए बीजेपी के राष्ट्रीय सचिव श्रीकांत शर्मा ने कहा कि यह ‘सच्चाई के प्रति इस पार्टी की असहिष्णुता’ को दिखाता है क्योंकि जो कुछ भी छपा है उनमें अधिकांश चीजें तथ्यात्मक हैं.

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कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के यूरोप जाने की जानकारी खुद उनकी ओर से ट्विटर पर दिए जाने को लेकर कटाक्ष करते हुए जावड़ेकर ने कहा, ‘उन्हें अधिक जानकारी देनी चाहिए थी.’

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