बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य के संविदागत नियोजित डॉक्टरों को एक बड़ी सौगात दी है. प्रदेश में कार्यरत सभी नियमित सरकारी डॉक्टरों की तरह अब वह भी 65 के बदले 67 साल की उम्र में सेवानिवृत्त होंगे.
बुधवार को के नेतृत्व में बिहार कैबिनेट की बैठक हुई जिसमें यह फैसला लिया गया कि संविदागत नियोजित सरकारी डॉक्टरों की रिटायरमेंट की उम्र सीमा 2 साल और बढ़ा दी जाए.
बैठक में यह फैसला लिया गया कि स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत नियमित चिकित्सकों के रिक्त पदों पर संविदागत नियोजित डॉक्टरों की सेवा और स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत स्वीकृत पदों पर संविदा के आधार पर कार्यरत डॉक्टरों को नियमित डॉक्टरों की तरह अब 65 से नहीं बल्कि 67 साल की उम्र में रिटायर किया जाएगा.
बिहार कैबिनेट की बैठक में कुल 17 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई जिसमें बिहार विधानमंडल के मॉनसून सत्र के तारीखों का ऐलान किया गया. बैठक में फैसला लिया गया कि मंडल का मॉनसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होकर 26 जुलाई तक चलेगा.
कैबिनेट की बैठक में राज्य में लागू नई उत्पाद नीति के मद्देनजर बिहार उत्पाद सेवा का नाम बदलकर अब मद्य निषेध सेवा करने का फैसला भी लिया गया.