अयोध्या जमीन विवाद पर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या मुद्दे पर अपना फैसला सुना दिया है. कोर्ट के इस फैसले का सम्मान करते हुए हम सब को आपसी सद्भाव बनाए रखना है. ये वक्त हम सभी भारतीयों के बीच बन्धुत्व,विश्वास और प्रेम का है.
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या मामले में 9 नवंबर को ऐतिहासिक फैसला सुनाया गया. फैसले में विवादित जमीन पर राम लला विराजमान का हक माना गया है. इसको लेकर कोर्ट ने तीन महीने में मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट बनाने के लिए कहा है. वहीं, कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष को 5 एकड़ वैकल्पिक जगह देने का आदेश दिया है.
सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या मुद्दे पर अपना फैसला सुना दिया है। कोर्ट के इस फैसले का सम्मान करते हुए हम सब को आपसी सद्भाव बनाए रखना है। ये वक्त हम सभी भारतीयों के बीच बन्धुत्व,विश्वास और प्रेम का है।
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) November 9, 2019
बता दें कि अयोध्या मामले में पांच जजों की संवैधानिक बेंच ने फैसला सुनाया. इसकी अध्यक्षता चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने की. इस बेंच में जस्टिस एसए बोबडे जस्टिस अशोक भूषण, जस्टिस एस अब्दुल नजीर और डीवाई चंद्रचूड़ शामिल रहे.
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हटाई गई एसपीजी सुरक्षा
शुक्रवार को मोदी सरकार ने कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी, उनके बेटे राहुल गांधी और बेटी प्रियंका गांधी वाड्रा को दी गई एसपीजी सुरक्षा हटा दी थी. इन नेताओं को अब सीआरपीएफ द्वारा 'जेड प्लस' सुरक्षा प्रदान की जाएगी.
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वहीं, गांधी परिवार की एसपीजी सुरक्षा कवच हटाने के फैसले की कांग्रेस ने निंदा की थी. कांग्रेस ने मोदी सरकार के इस कदम को एक भयावह और प्रतिशोधात्मक कदम बताया. कांग्रेस नेता अहमद पटेल ने ट्वीट किया, 'बीजेपी दो प्रधानमंत्रियों के परिवार के सदस्यों की जिंदगियों के साथ समझौता कर निजी बदले के अंतिम पायदान पर उतर आई है.'