चर्चित सीनियर आईएएस अधिकारी अशोक खेमका की एक ट्वीट से खलबली मच गई है. खेमका ने ट्वीट में लिखा है कि वे पिछले 3 महीने से पोस्टिंग और प्रमोशन का इंतजार कर रहे हैं और उनके लिए लो रैंक पोस्ट पर रहना अपमानजनक है.
बीजेपी से थी खेमका को उम्मीद
हरियाणा सरकार के प्रधान सचिव ने ट्वीट कर कहा कि 'यह ऐसा ही जैसे किसी लेफ्टिनेंट जनरल को ब्रिगेडियर का पद संभालने के लिए बाध्य किया जाए.' हरियाणा में बीजेपी की सरकार बनने के बाद खेमका महत्वपूर्ण पदभार की उम्मीद कर रहे थे. लेकिन उन्हें परिवहन विभाग में पदस्थापित कर दिया गया.
Awaiting posting on promotion for last 3 months. Holding a lower rank post is humiliating. Like a Lt Gen forced to hold post of Brigadier.
— Ashok Khemka, IAS (@AshokKhemka_IAS)
जमीन सौदा रद्द कर आए थे सुर्खियों में
खेमका ने 2012 में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद राबर्ट वाड्रा और रियल एस्टेट कंपनी डीएलएफ के बीच हुए 58 करोड़ रुपये की के दाखिलखारिज को रद्द कर मामले की जांच का आदेश दे दिया था. उस समय उन्होंने खूब सुर्खियां बटोरी थीं.