scorecardresearch
 

स्वर्णिम चतुर्भुज: अटल की वो योजना जिसने बड़े शहरों को जोड़ने का किया था काम

यह अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार थी जिसने देश के बड़े शहरों को सड़क मार्ग से जोड़ने का बीड़ा उठाया. इसके लिए सरकार ने 5,846 किमी लंबी स्वर्णिम चतुर्भुज योजना लॉन्च की. इसे दुनिया के सबसे लंबे राजमार्गों में से एक माना गया.

Advertisement
X
अटल बिहारी वाजपेयी (फाइल फोटो)
अटल बिहारी वाजपेयी (फाइल फोटो)

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी अब इस दुनिया में नहीं रहे, लेकिन अपनी कई विशेषताओं के जरिए दुनिया में हमेशा उन्हें याद किया जाएगा. इन्हीं खूबियों में वाजपेयी की स्वर्णिम चतुर्भुज योजना शामिल है जिसके जरिए पूरे देश को सड़क मार्ग से जोड़ने का बीड़ा उठाया गया.

वाजपेयी लंबे समय से एम्स में भर्ती थे और जहां उनका इलाज चल रहा था. वह 2009 से ही व्हीलचेयर पर थे. उनके एम्स में भर्ती होने की खबर आते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत देश के कई शीर्ष नेता उनका हालचाल लेने के लिए वहां गए.

अटल ने तीन बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी. इस दौरान परमाणु परीक्षण, कारगिल युद्ध समेत भी कई ऐसी उपलब्धियां रहीं जिसके लिए उन्हें हमेशा याद किया जाएगा.

अटलजी को श्रद्धांजलि देने के लिए यहां क्लिक करें

Advertisement

स्वर्णिम चतुर्भुज की नीति

अटल सरकार की उपलब्धियों में स्वर्णिम चतुर्भुज की वह महत्वाकांक्षी नीति रही जिसके जरिए देश के बड़े शहरों को सड़क मार्ग जोड़ने का बीड़ा उठाया गया. इसके लिए सरकार ने 5,846 किमी की स्वर्णिम चतुर्भुज योजना लॉन्च की. इसे दुनिया के सबसे लंबे राजमार्गों में से एक माना गया.

इसके तहत राजमार्गों का एक नेटवर्क है जो देश के चार प्रमुख महानगरों को चार दिशाओं-दिल्ली (उत्तर), चेन्नई (दक्षिण), कोलकाता (पूर्व) और मुंबई (पश्चिम) को जोड़ता है.

सबसे बड़े राजमार्ग की महत्वाकांक्षी परियोजना की शुरुआत 2001 में हुई थी. साल 1999 में इस परियोजना का आयोजन पूरा हुआ था, लेकिन निर्माण कार्य आधिकारिक तौर पर 2001 में शुरू हुआ था. पहले इसे पूरा करने का लक्ष्य 2006 तक रखा गया था, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया था.

गांवों को सड़क से जोड़ा

इसके अलावा भी अटल सरकार की ओर से प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना की शुरुआत की गई. इस योजना का लक्ष्य था कि गांव के 500 या उससे अधिक की आबादी वाले गांवों को सड़कों से जोड़ना था. आधिकारिक तौर पर इस योजना की शुरुआत साल 2000 में हुई थी.

बता दें कि रुटीन चेकअप के लिए अटल बिहारी वाजपेयी को सोमवार को एम्स लाया गया था, जहां पर उनका डायलिसिस हुआ. बताया जा रहा है कि उन्हें यूरिन इन्फेक्शन है.

Advertisement

Advertisement
Advertisement