कुछ बड़ा होगा, कुछ बड़ा होगा. ऐसी ही अटकलों के बीच सोमवार का दिन शुरू हुआ. हर किसी की नजर संसद पर थी कि सरकार की ओर से जम्मू-कश्मीर को लेकर क्या ऐलान किया जाता है. राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही सुबह 10:40 पर बीजेपी के तमाम सांसद अपनी-अपनी सीटों पर बैठे हुए थे.
वहीं, विपक्ष की कई सीटें खाली थीं. करीब 15 मिनट बाद गृह मंत्री अमित शाह जैसे ही सदन में दाखिल हुए तो सत्ता पक्ष के सांसदों ने तालियों से उनका स्वागत किया.
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अमित शाह फ्रंट रो में आकर बैठे तो उनके साथ राम विलास पासवान, रविशंकर प्रसाद और सुरेश प्रभु मौजूद थे. बीच में जेपी नड्डा भी आ गए. नड्डा ने पासवान के साथ सीट की अदला-बदली की. सदन की कार्यवाही शुरू होते ही सबसे पहले कांग्रेस को धक्का लगा जब वेंकैया नायडू ने ऐलान किया कि कांग्रेस पार्टी के मुख्य सचेतक भुवनेश्वर कलिता ने इस्तीफा दे दिया है.
सदन में कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद दूसरे सदस्यों से कुछ पूछते नजर आए. अंबिका सोनी भी इधर-उधर देख रही थीं. इसके बाद, विपक्ष इस बात को लेकर लामबंद हो गया कि पहले 267 के अंतर्गत कश्मीर के हालात पर चर्चा के लिए हमारी ओर से जो नोटिस दिया गया है उस पर चर्चा हो. विपक्षी सदस्य सीटों से खड़े होकर अपनी मांग पर जोर देते रहे. इस दौरान बीएसपी के सदस्य खामोश बैठे रहे.
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चेयरमैन नायडू ने साफ किया कि उन्होंने अपना अधिकार इस्तेमाल करते हुए फैसला किया है कि गृहमंत्री ने जो पत्र उन्हें लिखा है, वह भी इसी संदर्भ में है तो पहले गृहमंत्री को सुना जाएगा. इसमें पूरा विपक्ष लामबंद हो गया. आजाद ने विरोध किया तो अमित शाह ने कम से कम तीन बार उनका नाम लेते हुए कहा कि मेरी सुन तो लीजिए, उसके बाद आप लोग अपनी बात भी रह कर रख सकते हैं और जो संशोधन देना चाहे वह दे सकते हैं, वोटिंग भी हो जाएगी.
अमित शाह जब 370 खत्म करने वाला संकल्प पढ़ने लगे तो विपक्ष को लगा कि पहले वह जम्मू-कश्मीर रिजर्वेशन संशोधन पेश करेंगे पर ऐसा नहीं हुआ. इसी पर कांग्रेस सदस्य शैलजा कुमारी ने आजाद को इशारा किया कि विरोध कीजिए. उसके बाद तमाम विपक्षी दल वेल के भीतर घुस गए और जमीन पर धरने पर बैठ गए. नारेबाजी होने लगी. टीएमसी सदस्य डेरेक ओ ब्रायन रोल बुक लेकर चेयरमैन के दाएं हाथ पर जोर जोर से कुछ बोलते रहे.
वहीं, अमित शाह बोलते रहे और बीजेपी सदस्य मेज थपथपाते रहे. इसी बीच पीडीपी के सांसद फैयाज ने अपना कुर्ता फाड़ दिया. पीडीपी के सांसद जोर-जोर से नारेबाजी कर रहे थे और तमाम विपक्षी नेता उनके साथ सुर में सुर मिला रहे थे.
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चेयरमैन नायडू ने कहा कि जम्मू कश्मीर रिजर्वेशन बिल को इंट्रोड्यूस किया जा रहा है पर विपक्ष पारी को हाथ से निकलते देख सुनने के मूड में नहीं था. इसी बीच पीडीपी सांसद लावे और बीजेपी सांसद विजय गोयल आपस में संविधान की कॉपी को लेकर खींचातानी करते हुए नजर आए. दोनों की आपसी रस्साकशी में बीके हरिप्रसाद कांग्रेस के सांसद भी कूद पड़े और उन्होंने विजय गोयल को धकेल दिया.
पीडीपी सांसद ने संविधान की कॉपी फाड़ दी, इसके बाद मार्शल दोनों पीडीपी सांसदों को सदन से बाहर ले गए. वहीं सदन में विपक्ष का विरोध लगातार जारी रहा.