क्या अपने ही शहर में रॉयल बंगाल टाइगर अपनी पहचान के लिए मोहताज है? कोलकाता वनडे से पहले टीम इंडिया के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली को इडेन गार्डेन में घुसने से रोक दिया गया.
ये शर्मनाक वाकया तब हुआ, जब गांगुली एक टीवी एक्सपर्ट के तौर पर पिच रिपोर्ट के लिए मैदान में दाखिल हो रहे थे. हैरानी की बात यह है कि आईसीसी की एंटी करप्शन यूनिट के एक अधिकारी धर्मेंद सिंह यादव ने गांगुली को पहचानने से इनकार करते हुए बिना पहचान पत्र के अंदर दाखिल होने से रोक दिया.
बाद में दादा के पहचान पत्र दिखाने के बाद ही उन्हें अंदर जाने दिया गया. सवाल यह उठता है कि इस तरह की घटना भारतीय क्रिकेट को मजबूती देने वाले एक पूर्व कप्तान का अपमान नहीं, तो और क्या है?