पश्चिमी दिल्ली के राजौरी गार्डेन में एक एनजीओ की मदद से पुलिस ने 6 नाबालिग लड़कियों को छुड़ाया है. लड़कियां एक प्लेसमेंट एजेंसी के चंगुल में थीं. सभी लड़कियां झारखंड की रहनेवाली हैं और एक दिन पहले ही दिल्ली लायी गयी थीं.
डरी सहमी बैठी सभी सभी लड़कियां नाबालिग हैं. इन्हें एक दिन पहले ही झारखंड से दिल्ली लाया गया था. दिल्ली पुलिस ने इन नाबालिग लड़कियों को छापा मारकर एक प्लेसमेंट एजेंसी के चंगुल से छुडाया है. दिल्ली पुलिस को एक एनजीओ ने इन नाबालिग लड़कियों के बारे में सूचना दी.
सर्वप्रथम एनजीओ की प्रेसिडेंट कंचन शर्मा के अनुसार उन्हें सूचना मिली थी की यहां दस से बारह साल के बच्चों को घरेलू काम के लिए लाया गया है इसके बाद चाईल्ड हेल्पलाईन की मदद से उन्होंने यहां रेड किया, तो छः नाबालिग बच्चे मिले ये सभी बच्चे झारखंड के हैं.
महालक्ष्मी इंटरप्राइजेज नाम की ये प्लेसमेंट एजेंसी राजौरी गार्डेन के विशाल इनक्लेव के एक मकान में चलती थी. इसे सोमारी नाम की महिला चलाती हैं. इसी ने इन लड़कियों को काम करने के लिए झारखंड से यहां बुलाया था.
पुलिस इस महिला को पकड़कर ये जानने की कोशिश कर रही है की इस काम में उसके अलावा और कौन लोग शामिल हैं. वैसे भी मेड मुहैया कराने वाली प्लेसमेंट एजेंसियों का नाम दिल्ली में काफी बदनाम हो चुका है. लोगों से पैसे ऐंठना और ब्लैकमेल करना कई प्लेसमेंट एजेंसियों का पेशा बन चुका है. मेड के नाम पर, मेड के काम पर मौज कर रही हैं प्लेसमेंट एजेंसियां.