दिल्ली सरकार ने यहां की प्लेसमेंट एजेंसियों को काबू में लाने और उनके संदिग्ध कार्यप्रणाली पर अंत लगाने का निर्णय लिया है.
सरकार ने संकेत दिया है कि जो प्लेसमेंट एजेंसियां संदिग्ध गतिविधियों में शामिल हैं उनके खिलाफ कठोर दंडात्मक प्रावधान के लिए दुकान और प्रतिष्ठान अधिनियम में संशोधन किया जाएगा. प्लेसमेंट एजेंसियों इसी अधिनियम के तहत आती हैं.
मुख्यमंत्री शीला दीक्षित की श्रममंत्री रमाकांत गोस्वामी के साथ बैठक में प्लेसमेंट एजेंसियों के कामकाज की समीक्षा करने का निर्णय लिया गया.
एक ऐसी ही प्लेसमेंट एजेंसी के डेढ़ साल के बच्चे के अपहरण में कथित रूप से संलिप्त पाए जाने के बाद सरकार ने यह कदम उठाया है.
गोस्वामी ने कहा, ‘सरकार महसूस करती है कि ऐसी एजेंसियों की संदिग्ध कार्यशैली को खत्म करना तत्काल जरूरी है.’
उन्होंने कहा कि उन्हें यह शिकायत भी मिली है कि कई जानी मानी प्लेसमेंट एजेंसियां न्यूनतम पारिश्रमिक का उल्लंघन कर रही है. उन्होंने कहा कि इसकी जांच के आदेश दिए गए हैं.