वार्षिक अखिल भारतीय महानिदेशक और महानिरीक्षक सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि सिमी ने अयोध्या मामले पर फैसला देने वाले तीन जजों की हत्या की साजिश रची थी लेकिन सुरक्षा एजेंसियों की सर्तकता की वजह से यह साजिश नाकाम हो गई.
पी चिदंबरम ने कहा कि जजों की हत्या की साजिश मध्य प्रदेश में जून 2011 में रची गई थी. मध्य प्रदेश में प्रतिबंधित संगठन सिमी के दस सदस्यों को गिरफ्तार करने के बाद इस साजिश को विफल किया गया.
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि नवम्बर, 2008 के मुम्बई हमलों के बाद सरकार ने सुरक्षा बलों की क्षमता में वृद्धि की है. लेकिन उन्होंने स्वीकार किया कि राज्य पुलिस में पांच लाख रिक्तियों को भरने के लिए कोई 'ठोस कदम' नहीं उठाया गया, जो सुरक्षा व्यवस्था में एक बड़ी कमी है.
गृह मंत्री ने कहा कि 26 नवंबर 2008 को मुंबई पर हुए आतंकी हमले के बाद 50 आतंकी माडयूल को निष्क्रिय कर दिया गया. साथ ही चिदंबरम ने कहा कि 2010 में हैदराबाद में एक आईटी फर्म पर हमले की साजिश को भी विफल कर दिया गया था. हमले की साजिश रचने के आरोप में जिया उल हक नाम के एक शख्स को गिरफ्तार किया गया था.