scorecardresearch
 

एकल ब्रांड रिटेल में विदेशी निवेश की अधिसूचना जारी

बहु ब्रांड खुदरा कारोबार को प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के लिए खोलने में असमर्थ होने के बावजूद सरकार ने एकल ब्रांड खुदरा कारोबार में 100 फीसदी एफडीआई को अनुमति देने की अधिसूचना जारी कर दी.

Advertisement
X

बहु ब्रांड खुदरा कारोबार को प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के लिए खोलने में असमर्थ होने के बावजूद सरकार ने एकल ब्रांड खुदरा कारोबार में 100 फीसदी एफडीआई को अनुमति देने की अधिसूचना जारी कर दी. इससे ऐडिडास, लुई वितों और गुच्ची जैसी वैश्विक श्रृंखलाओं के लिए भारत में अपने पूर्ण स्वामित्व में स्टोर परिचालित कर सकेंगे.

औद्योगिक नीति एवं संवर्धन विभाग (डीआईपीपी) ने कहा, ‘एकल ब्रांड उत्पाद के खुदरा कारोबार में 100 फीसदी प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) को मंजूरी होगी.’ हालांकि 51 फीसदी से ज्यादा विदेशी हिस्सेदारी वाली फर्मों को 30 प्रतिशत माल की खरीदारी लघु और कुटीर उद्योगों से करनी अनिवार्य होगी.

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री आनंद शर्मा ने कहा, ‘एकल ब्रांड में एफडीआई के कारण भारतीय बाजार में कुछ प्रमुख वैश्विक कंपनियां उभरी हैं. इससे घरेलू विनिर्माण में मूल्यवर्धन में प्रोत्साहन मिलेगा और हमारे लघु उद्योग को तकनीकी उन्नयन में मदद मिलेगी.’

एकल ब्रांड खुदरा कारोबार में एफडीआई बढ़ाने का फैसल 24 नवंबर को मंत्रिमंडल में लिया गया था. इसी बैठक में बहु-ब्रांड खुदरा कारोबार को भी विदेशी निवेश के लिए खोलने का फैसला किया गया था.

हालांकि संप्रग सहयोगी तृणमूल कांग्रेस समेत कई राजनीतिक दलों ने सरकार को बहु ब्रांड कारोबार को एफडीआई के लिए खोलने के फैसले को स्थगित करने पर मजबूर कर दिया. फिलहाल एकल ब्रांड खुदरा कारोबार में 51 फीसदी एफडीआई का अनुमति है.

Advertisement
Advertisement