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शैतानी ताकतें रोकना चाहती हैं देश का विकास: पीएम

प्रधानमंत्री डा मनमोहन सिंह ने शैतानी ताकतों से लोगों को आगाह करते हुए गुरुवार को कहा कि देश बहुत सी चुनौतियों का सामना कर रहा है. कुछ बाहरी और कुछ अंदरूनी ताकतें हमें विकास और खुशहाली के रास्ते पर बढ़ने से रोकना चाहती हैं. हमें आतंकवाद और सांप्रदायिकता के दोहरे खतरे से निपटना है.

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प्रधानमंत्री डा मनमोहन सिंह ने शैतानी ताकतों से लोगों को आगाह करते हुए गुरुवार को कहा कि देश बहुत सी चुनौतियों का सामना कर रहा है. कुछ बाहरी और कुछ अंदरूनी ताकतें हमें विकास और खुशहाली के रास्ते पर बढ़ने से रोकना चाहती हैं. हमें आतंकवाद और सांप्रदायिकता के दोहरे खतरे से निपटना है.

नई दिल्‍ली में नेशनल कैडेट कोर (एनसीसी) के कैडेटों को संबोधित करते हुए सिंह ने कहा ‘‘कुछ बाहरी और कुछ अंदरूनी ताकतें हमें विकास और खुशहाली के रास्ते में आगे बढ़ने से रोकना चाहती हैं. हमें आतंकवाद और सांप्रदायिकता जैसे खतरों से निपटना है.’’ उन्होंने कहा ‘‘ऐसे हालत में एनसीसी जैसे संगठन की अहमियत और बढ़ जाती है जो हमारे युवकों को संगठित और अनुशासित बनाकर देश की सेवा और सुरक्षा करना सिखाती है.’’

प्रधानमंत्री ने कहा 'उनको बताया गया है कि आज एनसीसी के करीबन 13 लाख कैडेट हैं, यह बहुत बड़ी संख्या है लेकिन योग्य छात्रों में से केवल चार प्रतिशत ही एनसीसी के सदस्य हैं. मैं चाहूंगा कि इस आंकड़े में बढ़ोत्तरी हो और एनसीसी की सदस्यता का फायदा ज्यादा से ज्यादा छात्रों को मिले.' उन्होंने कहा 'आज का यह प्रदर्शन जाहिर करता है कि आपने कितनी मेहनत से अपनी रैली के लिए तैयारी की है. मैं आपके प्रदर्शन के लिए आपको धन्यवाद देता हूं. अपने प्रभावशाली प्रदर्शन में आपने देश की गौर्वशाली सेना की उच्च परंपराओं और मूल्यों को अपनाया है.'

प्रधानमंत्री ने कहा ‘‘भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू एनसीसी के कामों में बेहद दिलचस्पी लेते थे. उनके कहने पर एनसीसी के पाठ्यक्रम में सामुदायिक विकास को शामिल किया गया था. यह खुशी की बात है कि आज एनसीसी कैडेट आपदा सहायता, समाज सेवा और सामुदायिक विकास जैसे कामों में बढ़ चढ़ कर हिस्सा ले रहे हैं."

उन्होंने कहा 'इसके अलावा आपने ग्लोबल वार्मिंग, एड्स, कैंसर, प्रदूषण तथा पर्यावरण सुरक्षा के प्रति जागरुकता के लिए अच्छी कोशिशें की हैं. मुझे पूरा यकीन है कि एनसीसी आने वाले वक्त में भी अपने इन अच्छे कामों को जारी रखेगी.' प्रधानमंत्री ने कहा 'मुझे विश्वास है कि जब आप यहां से जायेंगे तो अपने साथ खुशगवार यादें तथा लघु भारत की एक झलक ले जायेंगे. मैं चाहूंगा कि यह युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम और आगे बढ़ाया जाये और नये मित्र देशों को इसमें शामिल किया जाये.'

इस अवसर पर रक्षा मंत्री ए के एंटोनी, रक्षा राज्य मंत्री एम एम पल्लम राजू, थलसेना अध्यक्ष दीपक कपूर, वायुसेना अध्यक्ष एयर चीफ मार्शल पी वी नायक और नौसेना अध्यक्ष चीफ एडमिरल निर्मल वर्मा भी मौजूद थे. मनमोहन सिंह ने 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस परेड के अवसर पर लगे शिविर में आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को ट्राफियां और पदक भी प्रदान किये.

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