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डीजल कीमतों और FDI के खिलाफ भारत बंद

डीजल कीमतों में बढोतरी, खुदरा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की अनुमति और सब्सिडीयुक्त घरेलू एलपीजी की संख्या सीमित करने के फैसलों के विरोध में विभिन्‍न पार्टियों द्वारा बुलाए गए भारत बंद का असर दिखना शुरू हो गया है.

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डीजल कीमतों में बढोतरी, खुदरा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की अनुमति और सब्सिडीयुक्त घरेलू एलपीजी की संख्या सीमित करने के फैसलों के विरोध में विभिन्‍न पार्टियों द्वारा बुलाए गए भारत बंद का असर दिखना शुरू हो गया है.

देश के कई हिस्‍सों में ट्रेनों की आवाजाही पर असर पड़ा है. बिहार के जहानाबाद में जेडीयू कार्यकर्ताओं ने गंगा-दामोदर एक्‍सप्रेस को रोक दिया गया तो यूपी के वाराणसी में सपा कार्यकर्ताओं ने रेल ट्रैक जाम कर दिया तो इलाहाबाद में त्रिवेणी एक्‍सप्रेस को रोक दिया गया. हरियाणा के फरीदाबाद में आईएनएलडी कार्यकर्ताओं के विरोध प्रदर्शन की खबर है.

गौरतलब है कि बीजेपी और और गैर बीजेपी विपक्षी दलों सहित सरकार को समर्थन दे रही सपा, डीएमके और जद-एस ने भी इस राष्ट्रव्यापी हडताल को समर्थन दिया है. वहीं मायावती की बहुजन समाज पार्टी इस बंद में शामिल नहीं है. विपक्ष के इस भारत बंद को कई व्‍यापारिक संगठनों का भी समर्थन हासिल है.

 यूपी में भारत बंद का व्‍यापक असर
केंद्र सरकार की गलत आर्थिक नीतियों, डीजल की कीमतों में वृद्धि और रसोई गैस की राशनिंग के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के गुरुवार को आयोजित देशव्यापी बंद का उत्तर प्रदेश में सुबह से ही असर दिखायी दे रहा है. कई शहरों में भाजपा कार्यकर्ताओं का विरोध-प्रदर्शन जारी है. भाजपा कार्यकर्ता सुबह से ही अलग-अलग स्थानों पर सड़कों पर उतरकर केंद्र सरकार के इन फैसलों पर अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं. भाजपा के कई नेता राज्यभर अलग-अलग जगहों पर कार्यकर्ताओं का नेतृत्व कर रहे हैं.

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वाराणसी, इलाहाबाद, कानपुर और मेरठ में गुरुवार सुबह ही भाजपा कार्यकर्ताओं ने कई जगहों पर चक्का जाम किया. इसके अलावा प्रदर्शनकारियों ने कई जगहों पर रेलगाड़ियां रोककर अपना विरोध दर्ज कराया. इस दौरान भाजपाईयों ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और सोनियां गांधी का पुतला भी फूंका. उल्लेखनीय है कि भाजपा के अलावा सूबे की सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी (सपा) और कई व्यापारी संगठन भी बंद को समर्थन दे रहे हैं जबकि बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने अपने आपको इस बंद से अलग रखा है.

 बिहार में भारत बंद का व्‍यापक असर
केन्द्र सरकार द्वारा डीजल मूल्य वृद्घि, रसोई गैस की राशनिंग और खुदरा क्षेत्र में विदेशी निवेश सहित कई गलत आर्थिक नीतियों के कारण महंगाई बढ़ने के विरोध में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के घटक दलों और वामदलों के भारत बंद का बिहार में सुबह से ही असर दिखने लगा. बंद समर्थकों ने पटना, जहानाबाद, सहरसा, नालंदा, दरभंगा, मुजफ्फरपुर में भी गुरूवार की सुबह से ही सड़कें और रेल पटरी जाम कर दिया. इन क्षेत्रों में व्यपारिक प्रतिष्ठान और दुकानें बंद हैं. सड़कों पर आवागमन रोक दिया गया है.

असम और बंगाल में बंद से दूर रहने के निर्देश
उधर पश्चिम बंगाल में सभी ट्रेड यूनियनों से सरकार ने अपील की कि डीजल की कीमतों में बढ़ोत्तरी और मल्टी ब्रांड रिटेल क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की इजाजत के खिलाफ एनडीए की ओर से आहूत ‘भारत बंद’ और पश्चिम बंगाल में माकपा की अगुवाई वाले वाम मोर्चा की ओर से आहूत हड़ताल से वे दूर रहें.

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असम में भी सरकारी कर्मचारियों को बंद से दूर रहने और कार्यालय में उपस्थित रहने को कहा गया है. असम सरकार ने बुधवार को एक अधिसूचना जारी कर ‘भारत बंद’ के दौरान काम पर नहीं आने वाले कर्मचारियों के वेतन में कटौती, सेवा में बाधा और अनुशासनात्मक कार्रवाई की बात कही है.

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