सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे को लोकतांत्रिक संस्थाओं का उपहास नहीं करने की सलाह देते हुए राष्ट्रीय सलाहकार परिषद की सदस्य अरूणा राय ने कहा कि उन्हें गलत सलाह दी गयी है क्योंकि समाज के लिए अब भी सरकारी लोकपाल विधेयक में भी बदलाव लाने की गुजाइंश है.
हजारे पक्ष के इस बयान पर कि स्थायी समिति के पास सरकारी लोकपाल विधयेक को भेजना समय की बर्बादी है, का जिक्र करते हुए रॉय ने कहा कि ऐसी समितियां बहुत महत्वपूर्ण संस्था है और किसी को भी उसका यथासंभव उपयोग करना चाहिए.
उन्होंने कहा कि नेशनल कैम्पेन फार पीपुल्स राइट टू इनफोरमेशन ने भी लोकपाल विधेयक बनाया है और उसे संसदीय स्थायी समिति के पास पेश करेगा. उन्होंने कहा कि हजारे और उनके सहयोगियों को अपना लोकपाल विधेयक स्थायी समिति के पास ले जाना चाहिए.
जन लोकपाल के लिए समय सीमा तय करने के संबंध में उनका कहा था कि मुझे लगता है कि अन्नाजी को गलत सलाह दी गयी है, कोई भी यदि कहता है कि उसका दृष्टिकोण ही एकमात्र दृष्टिकोण होना चाहिए, गलत है.