राजस्थान में फर्स्ट ग्रेड टीचर की परीक्षा तारीख आगे बढ़ाने को लेकर बड़ी संख्या में छात्र जयपुर में आंदोलन कर रहे हैं. छात्रों ने शाम होने के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के आवास के बाहर इकट्ठा होना शुरू किया. जिसके बाद छात्र मुख्यमंत्री निवास से पहले सिविल लाइंस फाटक पर धरना देकर बैठ गए. इस दौरान धरना स्थल पर लड़कियां आग जला कर बैठीं और वहीं पर सभी ने खाना भी खाया.
फर्स्ट ग्रेड टीचर्स की परीक्षा डेट आगे बढ़ाने को लेकर सोमवार को बड़ी संख्या में छात्र जयपुर की सड़कों पर उतरे. मुख्यमंत्री और राजस्थान लोक सेवा आयोग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए करीब 8 किलोमीटर तक हजारों की संख्या में छात्र मुख्यमंत्री निवास की तरफ पहुंचे.
जहां पर रात होने तक सिविल लाइंस फाटक पर हजारों की संख्या में छात्र जमे रहे. इनकी मांग है कि कई सालों बाद हो रहे प्रथम ग्रेड टीचरों की परीक्षा की तारीख आगे बढ़ाई जाए क्योंकि डेढ़ लाख छात्रों ने इस परीक्षा के लिए फॉर्म भरा है, जिसमें से बहुत सारे छात्रों का फाइनल एग्जाम जून-जुलाई में होने वाला है और वह इस परीक्षा में नहीं बैठ पाएंगे.
कम समय
इसके अलावा छात्रों का कहना है कि परीक्षा के लिए बहुत कम समय रखा गया है. इसमें तैयारी नहीं की जा सकती है. छात्रों के आंदोलन में साथ देने के लिए बीजेपी के राज्यसभा सदस्य डॉ. किरोड़ी लाल मीणा भी पहुंचे. मीणा छात्रों के साथ रैली में निकले और धरने पर भी बैठे.
सांसद मीणा ने बताया कि राजस्थान सरकार हठधर्मिता कर रही है और अपनी जिद्द की वजह से इन छात्रों की मांग नहीं मान रही है. 11 छात्र पिछले 14 दिनों से अनशन पर हैं जिसमें से चार की तबीयत इतनी खराब हो गई है कि सवाई मानसिंह अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है. अगर सरकार ने मांगे नहीं मानी तो राज्य भर में आंदोलन करेंगे.