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आमेर किले पर 40 मिनट में कई बार गिरी आकाशीय बिजली, जो जहां खड़ा था, वहीं गिर पड़ा...

ऐतिहासिक आमेर किले के ठीक सामने 500 मीटर ऊंचाई पर बने वॉच टावर पर करीब 40 लोग जुटे थे. यहां कई लोगों को रविवार की शाम सेल्फी लेते और अच्छा समय बिताते हुए देखा गया, लेकिन वो इस त्रासदी से अनजान थे. 

आसमान से आई आफत (सांकेतिक फोटो) आसमान से आई आफत (सांकेतिक फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • आमेर किले पर आसमानी आफत
  • फिलहाल सर्च ऑपरेशन जारी है

आसमान से आई आफत रविवार को जयपुर के आमेर किले पर आफत बनकर टूटी. आमेर वॉच टॉवर (Amer Watch Tower) पर आकाशीय बिजली (sky lightning) गिरने से अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई घायल हैं. फिलहाल यहां सर्च ऑपरेशन (Search operations) जारी है. 

जानकारी के अनुसार, ऐतिहासिक आमेर किले के ठीक सामने 500 मीटर ऊंचाई पर बने वॉच टावर पर करीब 40 लोग जुटे थे. यहां कई लोगों को रविवार की शाम सेल्फी लेते और अच्छा समय बिताते हुए देखा गया, लेकिन वो इस त्रासदी से अनजान थे. 

एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया, "मैं वहां अपने दोस्तों को लेने गया था जिन्होंने मुझे ऊपर आने के लिए कहा था. हम सेल्फी नहीं ले रहे थे, लेकिन मैंने कई अन्य लोगों को सेल्फी लेते देखा. लगभग 40 मिनट में कई बार बिजली गिरी. लोग जहां खड़े थे, वहीं गिर पड़े."  

आमेर में आई आपदा का शिकार हुए इजहार अली ने बताया, "जब बिजली गिरी, मैं वॉच टॉवर पर था. मैं बस नीचे गिरा, लेकिन लगभग 20 मिनट के बाद मैं खुद खड़ा हुआ और कुछ लोगों को बचाने की कोशिश की."

मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये

इधर, राजस्थान सरकार का दावा है कि वह इस तरह की त्रासदी से निपटने के लिए तैयार है.  कैबिनेट मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने इंडिया टुडे को बताया, "कोई ढिलाई नहीं थी. सरकार इस तरह की त्रासदी को लेकर तैयार थी." उन्होंने कहा कि सीएम ने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये शीघ्र जारी करने के निर्देश दिए हैं.

एसडीआरएफ और राज्य पुलिस की पांच टीमें रविवार रात से यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि आमेर इलाके में और शव तो नहीं हैं. अब तक 11 शव निकाले जा चुके हैं और 15 घायलों को बचाया जा चुका है. राज्य में आकाशीय बिजली गिरने से अब तक 20 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है. 

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