देश में कोरोना की दूसरी लहर कहर बरपा रही है. रोज तीन लाख से ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं और हजारों लोग दम तोड़ रहे हैं. ऑक्सीजन संकट गहराने से लोग परेशान हैं. लेकिन इसके बावजूद केंद्र सरकार में जल शक्ति मंत्री और जोधपुर के सांसद गजेंद्र सिंह शेखावत ने ऐसा बयान दिया, जिसे लेकर वो घिर गए हैं. दरअसल, शेखावत सोमवार को अपने संसदीय क्षेत्र जोधपुर के अलग-अलग अस्पतालों में कोरोना मरीजों के इलाज की व्यवस्था जांचने के लिए पहुंचे थे. इस दौरान जब वो मथुरादास माथुर अस्पताल में पहुंचे तो एक युवक उनके पास आकर मां के इलाज के लिए गिड़गड़ाने लगा. युवक ने मंत्री शेखावत से गुहार लगाई कि उसकी मां को बचा लें. इसके बाद उन्होंने अस्पताल के अधीक्षक को पीड़ित की मां के इलाज के निर्देश दिए. लेकिन जब तक डॉक्टर उसकी मां का इलाज करते तब तक उन्होंने दम तोड़ दिया.
इस दौरान कुछ और मरीजों के परिजन केंद्रीय मंत्री शेखावत के पास मदद की गुहार लगाने पहुंचे तो उन्होंने अजीब सलाह दी कि डॉक्टर अपना काम कर रहे हैं, वो तो बालाजी मंदिर में एक गोटा (नारियल) चढ़ा दें, बालाजी महाराज सब ठीक करेंगे. मंत्री जी की अजीबोगरीब सलाह सुनकर वहां मौजूद हर कोई दंग रह गया.
शायद लोग भी यही सोच रहे होंगे कि मंत्री शेखावत यही कहना चाह रहे हैं कि अब सरकार और सिस्टम भी भगवान के भरोसे ही है. हालांकि, बाद में जल शक्ति मंत्री ने सभी अस्पतालों के अधीक्षकों और डॉक्टरों से बात की और अस्पतालों में ऑक्सीजन और बाकी जरूरी सामान जुटाने के निर्देश दिए.
हनुमान जी को नारियल चढ़ाने वाले बयान के तूल पकड़ने के बाद मंत्री जी ने ट्विटर पर सफाई दी. इस मामले में घिरे केंद्रीय मंत्री शेखावत ने उल्टे विपक्ष, विरोधियों और मीडिया पर ही ट्वीट कर सवाल खड़े कर दिए. उन्होंने पूछा कि अस्पताल में भर्ती मरीज के परिजन का ढांढस बंधाना किस मानसिकता से गलत है, इसे साफ किया जाए. एक परेशान मां को दवा और दुआ दोनों पर भरोसा दिलाना मेरे कर्तव्य के दायरे में आता है और मैंने वही किया. उन्होंने आगे कहा कि मैं शहर के अस्पतालों में व्यवस्था जांचने ही गया था.
इस दौरान मैंने जिम्मेदारों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए और मरीजों को ये भरोसा दिलाया कि मैं उनकी हरसंभव मदद के लिए हमेशा उपलब्ध हूं. लेकिन मेरी संवेदना का मजाक बनाकर खबर तैयार कर रहे पत्रकार मित्रों को केवल बालाजी महाराज का सुमिरन ही ख़बर के लायक लगा. अफ़सोस!
मैंने सभी मुख्य अस्पतालों का अवलोकन किया, जरूरी दिशा - निर्देश दिए और हर संभव सहायता के लिए स्वयं को उपलब्ध बताया।
— Gajendra Singh Shekhawat (@gssjodhpur) April 26, 2021
लेकिन मेरी संवेदना का मजाक बनाकर खबर तैयार कर रहे पत्रकार मित्रों को केवल बालाजी महाराज का सुमिरन ही ख़बर के लायक लगा। अफ़सोस!
उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा कि भगवान बालाजी पर आस्था रखने की बात कहना, बुराई है क्या?. राजस्थान ही नहीं देश और दुनिया में करोड़ों लोग बालाजी महाराज के भक्त हैं, अगर मैंने कह दिया कि नारियल चढ़ा दीजिएगा, तो क्या इससे मैं निष्क्रिय और लापरवाह साबित होता हूं?. वे यहीं नहीं रुके, उन्होंने आगे कहा कि डॉक्टर अपना काम कर रहे हैं और बालाजी महाराज को आप नारियल चढ़ा देना, भगवान सब ठीक करेंगे कहना किस नजरिए से गलत है?. विरोधी मुझे समझाएं.