पंजाब सरकार ने मुख्यमंत्री सेहत योजना को लेकर बड़ा अपडेट दिया है. इस योजना के तहत अब तक 465.36 करोड़ रुपये से ज्यादा का इलाज किया जा चुका है. साथ ही 42 लाख से ज्यादा हेल्थ कार्ड जारी किए गए हैं और 2.77 लाख से ज्यादा लोगों को इलाज का लाभ मिला है. यह दिखाता है कि बड़ी संख्या में लोग इस योजना का फायदा उठा रहे हैं.
सरकार ने लोगों से अपील की है कि जिन लोगों ने अभी तक पंजीकरण नहीं कराया है, वे जल्द से जल्द नामांकन कराएं. क्योंकि बीमारी या आपात स्थिति कभी भी आ सकती है और ऐसे समय में यह योजना आर्थिक बोझ कम करने में मदद करती है.
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि यह योजना पंजाब के हर नागरिक के लिए है और स्वास्थ्य सेवाओं को आसान बना रही है. उन्होंने कहा कि 2.77 लाख से ज्यादा प्री-ऑथराइजेशन और 465 करोड़ से ज्यादा खर्च इस योजना पर लोगों के भरोसे को दिखाते हैं.
गांव-शहर में कैंप से आसान हुआ पंजीकरण
सरकार ने ज्यादा से ज्यादा लोगों तक योजना पहुंचाने के लिए गांव, कस्बों और शहरों में रोज कैंप लगाना शुरू किया है. ये कैंप गुरुद्वारों, पंचायत घरों, मंदिरों और सामुदायिक केंद्रों पर लगाए जा रहे हैं, जहां लोग आसानी से पहुंच सकते हैं. इन कैंपों में कर्मचारी लोगों की मदद करते हैं, दस्तावेज चेक करते हैं और मौके पर ही पंजीकरण पूरा कर देते हैं. इससे प्रक्रिया आसान हो गई है और ज्यादा लोग जुड़ रहे हैं.
सरकार ने साफ किया है कि यह योजना सिर्फ गरीबों के लिए नहीं, बल्कि पंजाब के हर निवासी के लिए खुली है. इसमें उम्र, लिंग या आय की कोई सीमा नहीं है. योजना के तहत सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में कैशलेस इलाज मिलता है. हर परिवार को सालाना 10 लाख रुपये तक का इलाज कवर मिलता है, जिसमें बड़ी सर्जरी और गंभीर बीमारियां भी शामिल हैं.
पंजीकरण की प्रक्रिया भी आसान रखी गई है. लोग आधार कार्ड और वोटर आईडी जैसे दस्तावेज लेकर किसी भी कैंप में जा सकते हैं और बिना अपॉइंटमेंट के नामांकन कर सकते हैं. प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें एसएमएस के जरिए पुष्टि मिल जाती है. सरकार लगातार लोगों को जागरूक कर रही है कि वे इस योजना से जुड़ें, ताकि किसी को भी पैसों की कमी के कारण इलाज से वंचित न रहना पड़े.