पंजाब में खाद्य और पोषण सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने ‘मेरी रसोई योजना’ की शुरुआत का ऐलान किया. इस योजना के तहत अप्रैल से राज्य के 40 लाख परिवारों को तिमाही आधार पर मुफ्त फूड किट वितरित की जाएंगी. ये किट राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत मिलने वाले गेहूं से अलग दी जाएंगी.
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए राहत लेकर आएगी. प्रत्येक किट में दो किलो दाल, दो किलो चीनी, एक किलो नमक, 200 ग्राम हल्दी पाउडर और एक लीटर सरसों का तेल शामिल होगा.
उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं करेगी और सभी वस्तुओं की सख्त जांच सुनिश्चित की जाएगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार जनता के पैसे का एक-एक रुपया जन-कल्याण पर खर्च कर रही है.
उन्होंने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछली सरकारों के दौरान जनता का पैसा नेताओं की जेब में जाता था, जबकि मौजूदा सरकार पारदर्शिता और ईमानदारी से काम कर रही है. वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि इस योजना का सबसे अधिक लाभ राज्य के गरीब और दलित परिवारों को मिलेगा. यह पहल राज्य में सामाजिक न्याय और समावेशी विकास को बढ़ावा देगी.
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मुख्यमंत्री ने बताया कि मार्कफेड इस योजना के लिए नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करेगा और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के माध्यम से किटों की सप्लाई सुनिश्चित की जाएगी. सुचारू वितरण के लिए मजबूत तंत्र तैयार किया गया है ताकि पात्र लाभार्थियों तक समय पर सहायता पहुंचे.
उन्होंने कहा कि पंजाब ने देश को अनाज उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई है. अब राज्य सरकार की जिम्मेदारी है कि प्रदेश का कोई भी परिवार भूखा न रहे. उन्होंने जोर देकर कहा कि यह गारंटी चुनावी वादा नहीं, बल्कि पंजाब के लोगों के प्रति नैतिक दायित्व है.
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अप्रैल से किटों का वितरण शुरू होगा और हर तिमाही में इसे नियमित रूप से जारी रखा जाएगा. आने वाले लोक-हितैषी बजट में भी समाज के हर वर्ग के लिए कल्याणकारी उपायों का दायरा और बढ़ाया जाएगा.