पूर्व विधायक नाजर सिंह मानशाहिया ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के खिलाफ मानहानि की याचिका दायर की थी. इस मामले में आज मानसा अदालत में सुनवाई हुई. हालांकि, मुख्यमंत्री भगवंत मान कोर्ट नहीं पहुंचे और अब इस मामले की सुनवाई 20 मई को होगी.
मान के वकील ने अदालत में अर्जी देकर बताया कि आज विधानसभा का विशेष सत्र होने है. इसी वजह से मुख्यमंत्री व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश नहीं हो सकते. इसलिए अदालत ने इस अर्जी को मंजूर करते हुए सुनवाई की नई तारीख दी है.
दरअसल मानसा अदालत ने सीएम मान को आज 1 मई को व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश होने के निर्देश दिए थे. अदालत ने ये भी कहा था कि अगर वो पेश नहीं होते हैं तो उनकी जमानत रद्द करने की कानूनी कार्रवाई की जा सकती है.
क्या है पूरा मामला?
बता दें कि तत्कालीन विधायक नाजर सिंह मानशाहिया के कांग्रेस में शामिल होने के बाद उन पर लगाए गए आरोपों को लेकर मानहानि का केस दर्ज किया गया था. अब तक कई बार पेशी के आदेश के बावजूद भगवंत मान अदालत में पेश नहीं हुए. अब देखना ये है कि 20 मई को भी सीएम मान अदालत पहुंचते हैं या नहीं.
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सदन में विश्वास मत पेश कर सकती है मान सरकार
पंजाब सरकार आज सदन में 'विश्वास मत' पेश कर सकती है. सरकार सांसदों के दलदबल बीच अपनी ताकत दिखा सकता है. हालांकि, मुख्यमंत्री भगवंत मान का कहना है कि उनकी सरकार को विधानसभा के अंदर और बाहर 'पूर्ण विश्वास' हासिल है. उन्होंने फ्लोर टेस्ट की मांग को गैर-जरूरी बताया है. मान ने तर्क दिया कि उनके पास 94 विधायक हैं और हालिया बजट भी लगभग सर्वसम्मति से पारित हुआ था. हालांकि, उन्होंने ये भी कहा कि अगर चुनौती दी गई तो वो सदन में बहुमत साबित करने को तैयार हैं.