पंजाब में भगवंत मान सरकार द्वारा शुरू किए गए आम आदमी क्लीनिक स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में नई मिसाल बनते नजर आ रहे हैं. पंजाब डेवलपमेंट कमीशन की ताजा स्टेट रिपोर्ट कार्ड के अनुसार, आम आदमी क्लीनिक में इलाज कराने वाले 96 प्रतिशत मरीज सेवाओं से पूरी तरह संतुष्ट पाए गए हैं. यह रिपोर्ट राज्य में मुफ्त और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता को लेकर सरकार के दावों को मजबूत आधार देती है.
रिपोर्ट तैयार करने के लिए पंजाब डेवलपमेंट कमीशन ने पूरे राज्य में 18,256 मरीजों से सीधे बातचीत कर उनकी राय जानी. सर्वे के मुताबिक, पहले आम लोगों को बुखार, डायबिटीज और ब्लड प्रेशर जैसी सामान्य बीमारियों के इलाज के लिए भी निजी क्लीनिकों का सहारा लेना पड़ता था, जहां इलाज और जांच में भारी खर्च उठाना पड़ता था. मरीजों को ब्लड टेस्ट, शुगर टेस्ट और एक्स-रे जैसी जांच के लिए अलग से हजारों रुपये खर्च करने पड़ते थे, जबकि दवाइयों का खर्च भी उन्हें अपनी जेब से उठाना पड़ता था.
वहीं, आम आदमी क्लीनिक शुरू होने के बाद यह स्थिति बदलती दिखाई दे रही है. रिपोर्ट के अनुसार, 92 प्रतिशत मरीजों को सभी जरूरी दवाइयां मुफ्त मिलीं, जबकि 94 प्रतिशत मरीजों ने बताया कि उन्हें डायग्नोस्टिक टेस्ट भी बिना किसी शुल्क के उपलब्ध कराए गए. इसके अलावा, स्वास्थ्य सुविधाओं के बुनियादी ढांचे को लेकर भी मरीजों ने संतोष जताया है.
सर्वे में शामिल 99 प्रतिशत लोगों ने क्लीनिक परिसर को साफ-सुथरा बताया और उतने ही प्रतिशत लोगों ने पर्याप्त बैठने की व्यवस्था होने की पुष्टि की. वहीं, 97 प्रतिशत मरीजों ने पीने के पानी की सुविधा और 96 प्रतिशत ने साफ शौचालय उपलब्ध होने की बात कही.
राज्य के अलग-अलग जिलों जैसे अमृतसर, तरनतारन, लुधियाना और फाजिल्का में आम आदमी क्लीनिक की सेवाओं को लेकर समान सकारात्मक प्रतिक्रिया सामने आई है. स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि इन क्लीनिकों ने गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों को महंगे निजी इलाज से राहत दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.
सरकार का दावा है कि आम आदमी क्लीनिक न केवल मुफ्त इलाज और जांच की सुविधा दे रहे हैं, बल्कि मरीजों को सम्मानजनक और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं भी उपलब्ध करा रहे हैं, जिससे राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है.