scorecardresearch
 

सरहद पर बढ़ी तस्करी, खुल गए ड्रोन सेंटर, क्या है Pakistan का 'डमी Drone' प्लान?

पाक रेंजर्स और ISI की मदद से 6 जगहों पर ड्रोन सेंटर खोले गए हैं. इसके संचालन में आतंकी भी मदद कर रहे हैं. फिरोजपुर और अमृतसर के बीच कई पाकिस्तानी बॉर्डर आउट पोस्ट (BOP) में ड्रोन एक्टिविटी के बारे में खुफिया जानकारी मिली है.

X
सांकेतिक तस्वीर
सांकेतिक तस्वीर
स्टोरी हाइलाइट्स
  • इस साल अबतक 53 बार ड्रोन एक्टिविटी पकड़ी गई
  • पाक रेंजर्स ने ISI की मदद से 6 जगहों पर ड्रोन सेंटर खोले

पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर सर्विसेज इंटेलिजेंस (Inter-Services Intelligence) के सीक्रेट 'डमी ड्रोन' प्लान का खुलासा हुआ है. खुफिया सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक इसका इस्तेमाल तस्कर और आतंकी कर रहे हैं. ड्रोन के जरिए ISI पंजाब से लगी सरहद पर हथियार और ड्रग्स भेजने का काम कर रही है. इसके लिए बकायदा ड्रोन सेंटर तैयार किए गए हैं.

सूत्रों के मुताबिक पाक रेंजर्स और ISI की मदद से 6 जगहों पर ड्रोन सेंटर खोले गए हैं. इसके संचालन में आतंकी भी मदद कर रहे हैं. फिरोजपुर और अमृतसर के बीच कई पाकिस्तानी बॉर्डर आउट पोस्ट (BOP) में ड्रोन एक्टिविटी के बारे में खुफिया जानकारी मिली है. BSF सूत्र के मुताबिक खेमकरन के नजदीक सीमा के उसपार कई जगहों पर ट्रेंड स्मगलर पाक रेंजर्स की मदद से ड्रोन उड़ाते हैं.

9 बार ड्रोन को किया गया शूट

पंजाब में इस साल बॉर्डर पर अबतक 53 बार ड्रोन एक्टिविटी पकड़ी गई है. BSF ने इसमें से 9 बार ड्रोन को मार गिराया है. इससे भारी मात्रा में विस्फोटक और ड्रग्स जब्त किए गए हैं. सूत्रों के मुताबिक पंजाब बॉर्डर पर पिछले 3 सालों में करीब 1150 किलोग्राम ड्रग्स BSF ने जब्त किया है. पंजाब में इस साल अब तक 4 महीनों में 150 किलो ड्रग्स पकड़ा जा चुका है.

ड्रोन हंटिंग टीम का भी हो रहा इस्तेमाल

बता दें कि पंजाब बॉर्डर पर सबसे ज्यादा हेरोइन BSF ने ही पकड़ा है. BSF दुश्मन ड्रोन को मार गिराने के लिए 'ड्रोन हंटिंग टीम' का इस्तेमाल कर रही है. सूत्रों के मुताबिक BSF पंजाब बॉर्डर पर कुछ जगह 'एंटी ड्रोन सिस्टम' भी लगा रही है.

क्या है डमी ड्रोन, कैसे होता है इस्तेमाल

हथियार, ड्रग्स और विस्फोटक की तस्करी के लिए पाकिस्तान के तस्कर आजकल 'डमी ड्रोन' का इस्तेमाल कर रहे हैं. भारतीय सुरक्षाबलों को चकमा देने के लिए आतंकी और स्मगलर डमी ड्रोन भी साथ में उड़ा रहे हैं. यानी एक ड्रोन में हथियार या ड्रग्स भेजा जाता है और दूसरे डमी ड्रोन को सुरक्षा बलों को चकमा देने के लिए आसपास उड़ाया जाता है. BSF सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तान के आतंकी और स्मगलर GPS से कंट्रोल होने वाले ड्रोन का ज्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं.

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें