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रेल हादसे में रेलवे की गलती नहीं, नहीं थी कोई सूचना: मनोज सिन्हा

अमृतसर के जोड़ा फाटक इलाके में रेलवे ट्रैक के नजदीक रावण का पुतला जलाया जा रहा था. जैसे ही पुतले में पटाखे का विस्फोट होना शुरू हुआ और आग की लपटें तेज हुईं, लोग रेल पटरी पर चले गए. कुछ लोग रावण दहन देखने के लिए पहले से ही रेल पटरी पर खड़े थे.

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मनोज सिन्हा (फाइल फोटो) मनोज सिन्हा (फाइल फोटो)

पंजाब के अमृतसर में भीषण ट्रेन हादसे में 60 लोगों की मौत हो गई, जबकि 60 से ज्यादा लोग घायल हो गए. इस हादसे के बाद शुक्रवार देर रात केंद्रीय रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा घटनास्थल पर पहुंचे.

मनोज सिन्हा ने कहा, 'यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण घटना है. सूचना पाते ही हमारी राहत टीम यहां पहुंच गई थी. पूरा रेलवे प्रशासन घायलों को बेहतर से बेहतर इलाज देने में जुटा हुआ है. इसके अलावा भारत सरकार की टीमें भी इसमें लगी हुई हैं.'

उन्होंने कहा, 'यह विषय राजनीति का नहीं है, मृतकों के प्रति हमारी गहरी संवेदना है. रेलवे बोर्ड के चेयरमैन, जनरल मैनेजर नॉर्दन रेलवे समेत कई बड़े अधिकारी मौके पर हैं. हमारे पास मौजूद संसाधनों को यहां लगाया गया है.'

ये पूछे जाने पर कि रेलवे इस घटना पर क्या कदम उठाएगा, इसके जवाब में सिन्हा ने कहा कि यह घटना रेलवे की गलती से नहीं घटी. ट्रैक के बगल में इस तरह का कार्यक्रम आयोजित किया गया और रेलवे को किसी प्रकार की सूचना नहीं दी गई. अगर सूचना रहती तो हम पहले से इससे संबंधित निर्देश जारी करते.

सिन्हा ने आगे कहा कि ड्राइवर को पहले से जो भी निर्देश दिए जाते हैं, जहां स्पीड रेस्ट्रिक्शन रहते हैं, वहां वो गति को धीमा करता है. मेरी पहली प्राथमिकता ये है कि हम मृतकों के परिवारों और घायलों के लिए बेहतर इंतजाम कर सकें.

वहीं, दूसरी ओर अमृतसर हादसे को लेकर केंद्र सरकार और राज्य सरकार ने एक-दूसरे पर ठीकार फोड़ना शुरू कर दिया है. केंद्र सरकार ने अमृतसर ट्रेन हादसे की जिम्मेदारी पंजाब सरकार और अमृतसर के स्थानीय प्रशासन पर डाल दी है.

रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने कहा कि रेलवे से ऐसी कोई गुजारिश नहीं की गई थी कि ट्रेन ट्रैक के पास रावण दहन किया जाएगा और उसे देखते हुए कोई इंतजाम किया जाए. इस हादसे के बाद सवाल उठने लगा था कि अगर हर साल यहां रावण दहन का कार्यक्रम आयोजित किया जाता है तो रेलवे को ट्रेनों को धीमी रफ्तार से चलाना चाहिए. रेल राज्यमंत्री खुद ही स्थिति का जायजा लेने के लिए पंजाब जा रहे हैं.

वहीं, रावण दहन कार्यक्रम में बतौर गेस्ट मौजूद नवजोत कौर ने रेलवे पर हादसे की जिम्मेदारी डाल दी है. वे पंजाब सरकार में मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी हैं.

एक चश्मदीद ने बताया कि प्रशासन और दशहरा कमेटी की गलती से यह घटना हुई है. उन्हें यह सुनिश्चित करना चाहिए था कि कार्यक्रम के दौरान यहां पर ट्रेन की स्पीड धीमी रखी जाए, लेकिन ऐसा नहीं किया जा सका. बताया जा रहा है कि रावण दहन ट्रेन ट्रैक के पास ही आयोजित था और रावण का पुतला जलाए जाने के दौरान पटाखों की आवाज आ रही थी और जिससे आती हुई ट्रेन की आवाज नहीं सुन सके.

मनोज सिन्हा ने कहा कि स्वाभाविक तौर पर रेलवे ट्रैक के नजदीक ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन नहीं किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि इसे राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए. हम सभी को मिलकर लोगों को राहत पहुंचानी चाहिए.

बता दें कि पंजाब के अमृतसर में शुक्रवार को एक भयानक हादसे में रावण दहन देख रहे लोग तेज रफ्तार ट्रेन की चपेट में आ गए, जिससे कम से कम 50 लोगों की मौत हो गई. अमृतसर के सब डिवीजन मजिस्ट्रेट राजेश शर्मा ने कहा कि 50 शव बरामद कर लिए गए हैं और करीब 50 घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

बताया जा रहा है कि अमृतसर के जोड़ा फाटक इलाके में रेलवे ट्रैक के नजदीक रावण का पुतला जलाया जा रहा था. जैसे ही पुतले में पटाखे का विस्फोट होना शुरू हुआ और आग की लपटें तेज हुईं, लोग रेल पटरी पर चले गए. कुछ लोग रावण दहन देखने के लिए पहले से ही रेल पटरी पर खड़े थे.

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