scorecardresearch
 

गणतंत्र दिवस परेड में निकली पंजाब की झांकी, दिया गुरु तेग बहादुर जी की शिक्षाओं का संदेश

‘हिंद दी चादर’ साहिब गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहादत शताब्दी पर 26 जनवरी की गणतंत्र दिवस परेड में पंजाब सरकार ने विशेष झांकी के जरिए गुरु जी की मानवाधिकार, समानता और स्वतंत्रता से जुड़ी शिक्षाओं को प्रदर्शित किया. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी का बलिदान पूरी मानवता के लिए था और उनकी शिक्षाएं आज भी समाज को दिशा देती हैं.

Advertisement
X
कर्तव्य पथ पर निकली पंजाब की झांकी (Photo: ITG)
कर्तव्य पथ पर निकली पंजाब की झांकी (Photo: ITG)

‘हिंद दी चादर’ साहिब गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहादत शताब्दी के अवसर पर पंजाब सरकार ने 26 जनवरी की गणतंत्र दिवस परेड में विशेष झांकी प्रस्तुत की. इस झांकी के माध्यम से गुरु तेग बहादुर जी की मानवाधिकार, समानता और स्वतंत्रता से जुड़ी शिक्षाओं को समाज के सामने रखा गया.

punjab tableau

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहादत शताब्दी वर्ष के अवसर पर उनके उपदेश मानव अधिकार, समानता और स्वतंत्रता का संदेश देते हैं. 26 जनवरी की परेड में पंजाब सरकार अपनी झांकी के माध्यम से समाज को इन्हीं मूल्यों से परिचित करा रही है.

'सबसे बड़े बलिदान देने के बावजूद...'

इससे पहले मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने होशियारपुर में राष्ट्रीय ध्वज फहराया. इस दौरान उन्होंने कहा कि देश के लिए सबसे बड़े बलिदान देने के बावजूद पंजाब आज भी भारत का एकमात्र ऐसा राज्य है जिसकी अपनी राजधानी नहीं है. मुख्यमंत्री ने कहा, 'इस गणतंत्र दिवस पर मैं यह भी कहना चाहता हूं कि पंजाब और उसकी राजधानी चंडीगढ़ के लिए हम पूरी ताकत से काम करेंगे. जो भी जरूरी होगा, वह किया जाएगा.'

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Advertisement