वित्तीय जांच एजेंसी ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले के सिलसिले में पंजाब की 12 जगहों पर छापेमारी शुरू की है. इसमें मोहाली जिला भी शामिल है. विकास प्राधिकरणों से अवैध तरीकों से लाइसेंस हासिल करने के मामले में अजय सहगल, ABS टाउनशिप, Altus बिल्डर्स और अन्य लोगों के ठिकानों पर तलाशी जारी है.
ईडी नितिन गोहल की तलाश कर रही है, क्योंकि उन पर आरोप है कि वे उन बिल्डरों की मदद कर रहे हैं, जिन पर GMADA की फीस का भुगतान करने में गड़बड़ी का आरोप है. उन पर यह भी आरोप है कि उन्होंने बिल्डरों की मदद के लिए राजनीतिक संरक्षण का इंतज़ाम किया.
नितिन गोहल मुख्यमंत्री के OSD राजबीर गुहमन के करीबी सहयोगी हैं. नितिन गोहल पर शक है कि वे पंजाब CMO की तरफ से एक संपर्क अधिकारी के तौर पर काम कर रहे हैं.
'क्या इंसाफ मिलेगा?'
कांग्रेस लीडर और पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, "मुझे एक सूत्र ने बताया है कि एक केंद्रीय एजेंसी खरड़ में पंजाब के मुख्यमंत्री के करीबी सहयोगियों के ठिकानों पर छापेमारी कर रही है."
कांग्रेस नेता ने कहा कि क्या इससे सचमुच इंसाफ मिलेगा, या फिर राजनीतिक 'वॉशिंग मशीन' हरकत में आकर सारे दाग धो देगी. यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा?