scorecardresearch
 

चंडीगढ़ मेयर चुनाव में कांग्रेस-AAP की टूटी दोस्ती, बीजेपी की राह हुई आसान... हाथ उठाकर होगा फैसला

चंडीगढ़ नगर निगम के मेयर चुनाव के लिए कांग्रेस ने अपने पत्ते खोल दिए हैं. कांग्रेस ने मेयर, डिप्टी मेयर और सीनियर डिप्टी मेयर पद के लिए उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर दिया है. ऐसे में आम आदमी पार्टी के साथ गठबंधन की सारी उम्मीदों पर कांग्रेस ने पानी फेर दिया है.

Advertisement
X
चंडीगढ़ मेयर चुनाव में कांग्रेस और AAP का नहीं होगा गठबंधन (Photo-ITG)
चंडीगढ़ मेयर चुनाव में कांग्रेस और AAP का नहीं होगा गठबंधन (Photo-ITG)

चंडीगढ़ नगर निगम के मेयर पद पर 29 जनवरी को होने चुनाव के लिए गुरुवार तक नामांकन दाखिल किए जाएगा.  बीजेपी, आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच सियासी  शह-मात का खेल शुरू हो गया है. मेयर पद पर कब्जा जमाने के लिए आम आदमी पार्टी और कांग्रेस ने हाथ मिलाने की बात चल रही थी, लेकिन बात नहीं बन सकी. ऐसे में कांग्रेस मेयर और उपमेयर दोनों ही पद पर नामांकन फाइल कर रही है तो बीजेपी अपनी रणनीति का धार देने में जुट गई है ताकि सियासी वर्चस्व को बनाए रखे. 

मेयर चुनाव 29 जनवरी को होना है. बीजेपी को मेयर पद से दूर रखने के लिए AAP और कांग्रेस ने आपस में हाथ मिलाने की बात चल रही थी, लेकिन सहमति नहीं बनी. ऐसे में अब मेयर और उपमेयर का चुनाव काफी रोचक हो गया है, लेकिन बीजेपी की राह आसान हो गई है.  AAP और कांग्रेस के बीच गठबंधन होता तो फिर बीजेपी के लिए काफी मुश्किल हो सकती थी. 

चंडीगढ़ मेयर चुनाव के लिए काफी रस्साकसी जारी है. इस बार चुनाव गुप्त मतदान के जरिए नहीं बल्कि हाथ उठाकर कराया जा रहे हैं. इस तरह से दोनों ही खेमे के लिए अपने-अपने पार्षद को साथ रखने की चुनौती खड़ी हो गई है, देखना है कि इस बार मेयर पद पर किसी लॉटरी लगती है. 

चंडीगढ़ में टूटी कांग्रेस-AAP की दोस्ती
चंडीगढ़ मेयर चुनाव में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच गठबंधन नहीं होगा. कांग्रेस मेयर, उपमेयर और सीनियर डिप्टीमेयर तीनों ही पद पर अपने उम्मीदवार उतार रही. कांग्रेस ने साफ कहा है कि तीनों ही पदों पर नामांकन फाइल करेगी. कांग्रेस ने आधिकारिक तौर पर चंडीगढ नगर निगम के तीनों पदों पर अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है. 

Advertisement

कांग्रेस ने उतारे तीनों सीट पर कैंडिडेट
कांग्रेस के नगर निगम चुनाव में अपने उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर दिया है. कांग्रेस ने मेयर पद के लिएगुरप्रीत गाबी, सीनियर डिप्टी मेयर पद के लिए सचिन गलाव  और डिप्टी मेयर पद पर निर्मला देवी को उम्मीदवार बनाया है. यह घोषणा पिछली चुनावी रणनीतियों से एक बड़ा बदलाव है. कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने पहले चंडीगढ़ नगर निगम चुनावों में एक साथ चुनाव लड़ा था और 2024 के लोकसभा चुनावों के दौरान BJP को हराने के लिए गठबंधन भी किया था, जिसमें मनीष तिवारी चंडीगढ़ से AAP-कांग्रेस के संयुक्त उम्मीदवार थे.

मेयर चुनाव में पार्षदों का गणित
चंडीगढ़ नगर निगम का गणित चार साल में काफी बदल गया है. यहां पर 2022 में नगर निगम चुनाव हुए थे. चंडीगढ़ में कुल 35 सीटें है, उस समय आम आदमी पार्टी के 14 और बीजेपी के 12 पार्षद जीतकर आए थे. इसके अलावा कांग्रेस और अकाली दल के पार्षद थे, लेकिन चार साल में काफी गेम बदल गया है. 

दिसंबर 2025 में आम आदमी पार्टी (AAP) के दो पार्षदों के बीजेपी में शामिल होने से समीकरण बिगड़ गया है. फिलहाल अब बीजेपी के पास 18 पार्षद हो गए हैं तो आम आदमी पार्टी के पास 11 पार्षद हैं, जबकि कांग्रेस के पास 6 हैं. कांग्रेस सांसद का भी एक वोट होता है और पंजाब सांसद मनीष तिवारी के वोट को जोड़ लें तो कांग्रेस के पास 7 वोट हो रहे हैं. 

Advertisement

बीजेपी की चंडीगढ़ में राह आसान
चंडीगढ़ में मेयर पद के लिए बीजेपी और कांग्रेस-AAP गठबंधन के पास 18-18 वोट हो रहे हैं. ऐसे में महापौर पद जीतने के लिए 19 वोटों के बहुमत की जरूरत होती है, बशर्ते सभी 36 वोट पड़े हों. आखिर कोई गैरहाजिर होता है तो सीटों का समीकरण बिगड़ सकता है. इसके चलते ही दोनों खेमे एक दूसरे के पार्षदों को अपने साथ मिलाने की कोशिश कर सकते हैं? 

हालांकि. कांग्रेस और AAP के बीच गठबंधन नहीं हो सका है, जिसके चलते बीजेपी की राह आसान हो गई है.निगम सदन में बहुमत न होने के बावजूद बीजेपी ने पिछले चार टर्म में तीन बार मेयर का चुनाव जीता है. इसकी वजह क्रॉस-वोटिंग रही है, लेकिन अब बीजेपी की स्थिति मजबूत है. कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के अलग-अलग लड़ने से बीजेपी आसानी से मेयर ही नहीं डिप्टीमेयर और सीनियर डिप्टीमेयर का पद भी जीत लेगी, क्योंकि उसके पास 18 पार्षदों का समर्थन हासिल है. 

गुप्त नहीं हाथ उठाकर होगी वोटिंग
चंडीगढ़ मेयर पद के लिए 29 जनवरी को चुनाव है.इस साल के महापौर चुनाव में प्रक्रिया में भी बदलाव देखने को मिलेगा. महापौर, वरिष्ठ उप महापौर और उप महापौर के लिए मतदान गुप्त मतदान के बजाय हाथ उठाकर किया जाएगा. पिछले चुनावों में हुए विवादों के बाद पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है.

Advertisement

पिछले साल जुलाई में पंजाब के गवर्नर और UT एडमिनिस्ट्रेटर गुलाब चंद कटारिया ने बदलाव किया था. इस तरह से चंडीगढ़ म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (प्रोसीजर एंड कंडक्ट ऑफ बिजनेस) रेगुलेशन, 1996 के रेगुलेशन 6 में किए गए एक संशोधन के बाद हुआ है, जिसका मकसद क्रॉस-वोटिंग और बैलेट में हेरफेर को रोकना है.

दरअसल,2024 का मेयर चुनाव चंडीगढ़ के राजनीतिक इतिहास में सबसे ज्यादा विवादित चुनावों में से एक था. पीठासीन अधिकारी अनिल मसीह कैमरे पर आप-कांग्रेस गठबंधन के उम्मीदवार कुलदीप कुमार ढालोर के लिए डाले गए आठ बैलेट पेपर के साथ कथित तौर पर छेड़छाड़ करते हुए पकड़े गए. आरोप लगा कि उन्होंने बीजेपी के मनोज सोनकर के पक्ष में काम किया था. इसके बाद कांग्रेस और आम आदमी पार्टी सुप्रीम कोर्ट का रुख किया. 

तत्कालीन चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया डीवाई चंद्रचूड़ ने कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि वह लोकतंत्र की हत्या कर रहे हैं. क्या कोई अधिकारी इस तरह से चुनाव कराता है. कोर्ट ने आखिरकार कुलदीप कुमार ढालोर को विजेता घोषित किया. ऐसे में अब मेयर पद के लिए चुनाव गुप्त वोटिंग के बजाए पार्षदों के हाथ उठाकर कराने का निर्णय किया गया है. 

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Advertisement