scorecardresearch
 

चंडीगढ़ में एक पोस्टर से मची अफरा-तफरी, पेट्रोल पंपों पर उमड़ी लोगों की भीड़

चंडीगढ़ में एक पेट्रोल पंप द्वारा अस्थायी खरीद सीमा तय किए जाने के बाद लोगों में ईंधन संकट की आशंका फैल गई. सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होते ही प्रशासन को सफाई देनी पड़ी. अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि शहर में पेट्रोल और डीजल की सप्लाई पूरी तरह सामान्य बनी हुई है.

Advertisement
X
 HG पेट्रो केयर के मैनेजर ने सफाई देते हुए कहा कि टैंकर आने में देरी के चलते यह कदम उठाया. (Photo: India Today)
HG पेट्रो केयर के मैनेजर ने सफाई देते हुए कहा कि टैंकर आने में देरी के चलते यह कदम उठाया. (Photo: India Today)

अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे वैश्विक सैन्य तनाव के बीच, सोमवार को चंडीगढ़ में अचानक पेट्रोल और डीजल की किल्लत की अफवाह ने नागरिकों की धड़कनें बढ़ा दीं. शहर के सेक्टर 17 स्थित एक फ्यूल स्टेशन पर ईंधन खरीद की सीमा तय करने वाले पोस्टर लगाए जाने के बाद कुछ ही समय में अफरा-तफरी का माहौल बन गया. 

लोग तेल की सप्लाई रुकने के डर से अपनी गाड़ियों की टंकियां फुल कराने के लिए नजदीकी पेट्रोल पंपों की तरफ भागने लगे. यह पूरा वाकया सेक्टर 17 के एक पेट्रोल पंप पर लगे उन पोस्टर्स के बाद शुरू हुआ, जिसमें लिखा था कि दोपहिया वाहनों को अधिकतम 500 रुपये और चार पहिया वाहनों को अधिकतम 1,500 रुपये का ही पेट्रोल-डीजल दिया जाएगा. 

सोमवार सुबह करीब 11 बजे इस नोटिस की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह वायरल हो गए. वीडियो देखते ही आम जनता में पैनिक फैल गया और लोग लाइन लगाने लगे.

प्रशासन की सख्ती, हटाया गया पोस्टर
मामले के तूल पकड़ते ही चंडीगढ़ केंद्र शासित प्रदेश (UT) प्रशासन तुरंत एक्शन में आया. अधिकारियों ने साफ किया कि प्रशासन की तरफ से ऐसा कोई भी निर्देश या राशनिंग लागू नहीं की गई है और शहर में ईंधन की सप्लाई पूरी तरह सामान्य है. प्रशासन ने बिना किसी अनुमति या प्रशासनिक आदेश के ऐसा नोटिस लगाने के लिए संबंधित पेट्रोल पंप 'एचजी पेट्रो केयर' (HG Petro Care) के मालिक को कड़ी फटकार लगाई, जिसके तुरंत बाद उन पोस्टर्स को वहां से हटा दिया गया.

Advertisement

यह भी पढ़ें: भारत में LPG गैस की संकट से अमेरिका के कैलिफोर्निया में बढ़े पेट्रोल के दाम! जानें क्या है कनेक्शन

पेट्रोल पंप मैनेजर ने दी सफाई
'आजतक' से बात करते हुए एचजी पेट्रो केयर के मैनेजर ने अपनी सफाई में कहा कि यह कदम उन्होंने प्रशासन के किसी आदेश पर नहीं, बल्कि स्वैच्छिक रूप से उठाया था. उन्होंने बताया, "हमारे पास स्टॉक कम बचा था और हमें डर था कि अगला टैंकर आने से पहले पंप पूरी तरह ड्राई (खाली) न हो जाए. इसीलिए हमने अस्थायी तौर पर यह लिमिट तय की थी ताकि सभी को थोड़ा-थोड़ा ईंधन मिल सके. 

वीडियो वायरल होने के बाद हमने पोस्टर हटा दिए हैं और अब ग्राहकों को उनकी जरूरत के मुताबिक ईंधन दिया जा रहा है." प्रशासन और अन्य पेट्रोल पंप एसोसिएशनों ने भी स्पष्ट किया है कि ट्राईसिटी में पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की कोई कमी नहीं है और नागरिकों को किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान देने की जरूरत नहीं है.

'आजतक' ने चंडीगढ़ के तीन अन्य पेट्रोल पंपों का भी दौरा किया और पाया कि वहां सामान्य परिचालन जारी था और ईंधन की आपूर्ति निर्बाध रूप से हो रही थी. इन पंपों पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया था और ग्राहकों को बिना किसी सीमा के पेट्रोल, डीजल और सीएनजी खरीदने की अनुमति थी.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Advertisement